सवाल: बाबा रामदेव एलोपैथी इलाज के तरीकों और डॉक्टर्स पर सवाल उठा रहे हैं?देश में चिकित्सा व्यवस्था का पूरा तंत्र है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय है, ICMR, DCGI जैसे प्रतिष्ठान हैं। रामदेव को अगर एलोपैथी से कोई दिक्कत है, तो उन्हें इन्हीं सक्षम लोगों से कहना चाहिए। वे स्वास्थ्य मंत्रालय से बात करें या प्रधानमंत्री के पास अर्जी दें।
सरकारें एलोपैथी चिकित्सा को IMA के दबाव में मान्यता नहीं देती हैं। अगर स्वास्थ्य मंत्रालय को लगता है कि रामदेव के आरोप सही हैं तो वो एलोपैथी की मान्यता खत्म कर दे, डॉक्टरों को इलाज करने से रोक दे। अगर नहीं, तो फिर मंत्रालय को रामदेव पर आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत मामला दर्ज करना चाहिए।
सवाल: कोविड ट्रीटमेंट का प्रोटोकॉल बदलता रहा है। आपको लगता है कि इसमें आयुर्वेद या अन्य पद्धतियों को शामिल करना चाहिए?ये मांग मैं कैसे कर सकता हूं। यह तो सरकार का विशेषाधिकार है। कोविड ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल गहन रिसर्च और फीडबैक के बाद बदलता है। वायरस के नए-नए स्वरूप सामने आ रहे हैं। इलाज के नए तरीके ढूंढना तो बिल्कुल सामान्य है। मैं आयुर्वेद या किसी भी अन्य पद्धति पर कोई कमेंट नहीं करना चाहता।
सवाल: रामदेव कहते हैं कि फार्मा इंडस्ट्री के दबाव में आयुर्वेद को नकारा जाता है। सहमत हैं?सवाल उठाने वाले रामदेव कौन हैं। मैं किसी आयुर्वेद के डॉक्टर से चर्चा करने को तैयार हूं। रामदेव तो डॉक्टर नहीं हैं। वो फार्मा इंडस्ट्री के दबाव की बात कर रहे हैं। आप देखिए... देश की सबसे बड़ी फार्मा इंडस्ट्री कौन सी है। रामदेव और उनका पतंजलि ब्रांड ही खुद दबाव डालता है।
सवाल: कोविड ट्रीटमेंट के साइड इफेक्ट्स दिखे हैं। ब्लैक फंगस महामारी बन रहा है। ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल में चूक हुई है?साइड इफेक्ट्स तो पतंजलि के प्रोडक्ट्स के भी हैं। किसी भी चिकित्सा पद्धति में साइड इफेक्ट्स तो होते ही हैं। किसने कहा कि स्टेरॉयड के इस्तेमाल से ब्लैक फंगस हुआ है। प्रोटोकॉल तय करने में IMA की कोई भूमिका नहीं है। बाबा रामदेव सरकार को क्यों नहीं मना लेते कि प्रोटोकॉल उनके हिसाब से तय हो।
सवाल: रामदेव का दावा है कि एलोपैथी में 25 लाइफस्टाइल डिजीज का इलाज नहीं है?हम ऐसे दुर्भावनापूर्ण पत्र का जवाब क्यों दें जिसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। इस सवाल का जवाब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को ही देना चाहिए।
सवाल: बाबा के सहयोगी आरोप लगा रहे हैं कि आप धर्मांतरण में लगे हुए हैं?मैं ऐसे बकवास आरोपों का जवाब क्यों दूं। अगर ऐसा है तो हमारा कानून शांत क्यों है? मैं इतना ताकतवर नहीं हूं कि ऐसे अपराध करने के बाद सजा से बच जाऊं। मेरे हिसाब से रामदेव फार्मा इंडस्ट्री के बड़े कॉरपोरेट खिलाड़ी हैं। यह वे इसलिए कर रहे हैं कि हालात का फायदा उठाएं और भय का माहौल बना अपनी अवैध और बिना मंजूरी की तथाकथित दवाएं बेचकर पैसा कमाएं।
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