भोपाल कोरोना काल में स्टायपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टर एक बार फिर अड़े हुए हैं। 11 साल में 25 से ज्यादा बार हड़ताल कर चुके इन डॉक्टरों का इन्हीं सालों में स्टायपेंड 17 हजार से बढ़कर 59 हजार हो गया है। यही नहीं, इसमें अभी 17 प्रतिशत की वृद्धि प्रस्तावित है। इस तरह से जूनियर डॉक्टर का स्टायपेंड बढ़कर 69 हजार हो जाएगा। लेकिन वे 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ बढ़ा हुआ स्टायपेंड देने की मांग पर अड़े हुए हैं। जूडा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अरविंद मीणा का कहना है कि सरकार से कई बार बात की हर बार आश्वासन दिया। हड़ताल के बीच मंगलवार सुबह से बुधवार तक ब्लैक फंगस के एक मरीज समेत चार मरीजों की मौत हो चुकी है।
एमटीए ने मंत्री को लिखा पत्र; सेंट्रल मेडिकल टीचर्स एसो. ने डॉ. हरीश पाठक के घर पुलिस भेजकर दबाव बनाए जाने की मांग की है। एमटीए ने चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग को पत्र लिखकर कहा है कि अगर डॉक्टरों को धमकाया गया तो आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। एमटीए सचिव डॉ. राकेश मालवीय ने कहा है कि जिम्मेदार जूडा से बात कर आंदोलन समाप्त करने के लिए कदम उठाएं। आईएमए मप्र, एमबीबीएस स्टूडेंट्स एसोसिएशन, मप्र मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन ने जूडा को समर्थन दिया है।
एमटीए ने मंत्री को लिखा पत्र; सेंट्रल मेडिकल टीचर्स एसो. ने डॉ. हरीश पाठक के घर पुलिस भेजकर दबाव बनाए जाने की मांग की है। एमटीए ने चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग को पत्र लिखकर कहा है कि अगर डॉक्टरों को धमकाया गया तो आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। एमटीए सचिव डॉ. राकेश मालवीय ने कहा है कि जिम्मेदार जूडा से बात कर आंदोलन समाप्त करने के लिए कदम उठाएं। आईएमए मप्र, एमबीबीएस स्टूडेंट्स एसोसिएशन, मप्र मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन ने जूडा को समर्थन दिया है।
पुलिस ने मेरे बुजुर्ग माता-पिता से पूछताछ के लिए बनाया दबाव
जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन अध्यक्ष डॉ. हरीश पाठक ने कहा कि हड़ताल को खत्म कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। सिंगरौली में पुलिस रात में दो घंटे तक मेरे घर बैठी रही। मेरे बुजुर्ग मां-बाप पर दबाव बनाया गया, ताकि मैं हड़ताल वापस ले लूं। जबकि, एक साल से माता-पिता से मिल भी नहीं पाया हूं। उन्होंने घबराकर रात 12 बजे मुझे फोन किया और बोले-वापस घर आ जाओ।
एसपी सिंगरौली अनिल सोनकर ने बताया कि डॉ. पाठक दो दिन से ड्यूटी पर नहीं गए हैं। एस्मा के तहत नोटिस जारी हुआ था, वहीं तामील कराने के लिए उनके घर पुलिस पार्टी गई थी। किसी तरह का दबाव बनाने की बात गलत है। इधर, चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि हमेशा जूनियर डॉक्टरों की मांगें मानी हैं, लेकिन अभी हड़ताल करना किसी भी तरह सही नहीं है।


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