पेट्रोल पंप का भुगतान नहीं करने से नगर परिषद के पेयजल आपूर्ति वाहन व कचरा गाड़ी हुए बंद, कचरा उठाव बंद
पोहरी एसडीएम जेपी गुप्ता द्वारा पिछले 1 माह से नगर परिषद के सभी भुगतानोँ पर लगाई गई रोक अब नगर परिषद पर भारी पड़ रही है। स्थिति यह है कि अब नगर परिषद द्वारा बाजार से खरीदे जाने वाला छोटा मोटा सामान सहित पेट्रोल पंप पर वाहनों में डाला जाने वाला डीजल भी उधार मिलना बंद हो गया है। नगर परिषद द्वारा सभी का भुगतान बाद में किया जाता था, लेकिन पिछले एक माह से नगर परिषद द्वारा कोई भी भुगतान नहीं किए जाने से छोटे मिस्त्री व कामगार सहित सभी दुकानदार भी परेशान हैं।
वहीं पुराना भुगतान न होने से पेट्रोल पंप मालिक ने डीजल उधार देना भी बंद कर दिया है। जिस वजह से नगर परिषद के पेयजल व कचरा वाहन सहित अन्य ट्रैक्टर ट्रॉली अब नगर परिषद में खड़े हो गए हैं। वहीं सूत्रों की माने तो एसडीएम द्वारा पिछले 1 माह से मुख्य कार्यपालन अधिकारी का भुगतान संबंधी रिकॉर्ड पोहरी मंगवा लिया था और सभी तरह के भुगतान पर रोक लगा दी गई थी।
नगर परिषद के सभी भुगतान रुक जाने का असर सबसे ज्यादा परिषद की कचरा गाड़ी और पेयजल आपूर्ति के वाहनों पर पड़ा है जहां पेट्रोल पंप संचालक द्वारा नगर परिषद के वाहनों का डीजल रोक देने से कचरा गाड़ी वहां पर जलापूर्ति के वाहन पूरी तरह बंद हो गए हैं। इस वजह से नगर में जगह-जगह गंदगी के ढेर जमा हो गए हैं। नगर में पेयजल आपूर्ति के ट्रैक्टर ट्रॉली भी बंद हो जाने से अब लोगों को पीने का पानी भी नहीं मिल पा रहा है। इस वजह से पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है। वहीं सफाई कर्मियों ने भी कचरा वाहन उपलब्ध ना होने से अब गलियों में गंदगी के ढेर जमा हो गए हैं।
दुकानदारों ने भी बंद कर दी उधारी तो रुके काम
नगर के दुकानदारों का कहना है नगर परिषद द्वारा छोटे-छोटे जरूरी नट बोल्ट, बिजली के तार, वाहनों के टायर ट्यूब, हैंडपंप सामान, टेंट, बैनर, स्टेशनरी, फ्लेक्स सहित कई जरूरत का सामान मार्केट से खरीदा जा रहा थी लेकिन मार्केट से खरीदने के बाद 1 महीने से पेमेंट ना होने से अब दुकानदारों ने नगर परिषद को सभी तरह की उधारी देना बंद कर दिया है क्योंकि भुगतान नहीं हुआ है।
हैंडपंप खराब होने से गहराया पेयजल संकट
क्षेत्र में गर्मी के इस मौसम में कई हैंडपंप खराब पड़े हैं। जिनकी मरम्मत के लिए सामान मुहैया नहीं कराए जाने से पीने के पानी की समस्या पैदा हो गई है। वही नगर में गंदगी के ढेर देखकर जब मीडिया ने एसडीएम का ध्यान इस तरफ आकर्षित कराया तब उन्होंने पेट्रोल पंप वालों का भुगतान करने की बात तो कही लेकिन नगर परिषद के रोके गए भुगतान को कब बहाल किया जाएगा, यह अभी साफ नहीं हुआ।
उधरी में नहीं मिला डीजल
^ पेट्रोल पंप वालों का भुगतान नहीं होने से उन्होंने डीजल देना बंद कर दिया है। जिस कारण वाहन नहीं चलने से कचरा नहीं उठ रहा। व्यवस्था बनाने की कार्रवाई करेंगे।
अजीज खां, सीएमओ नप बैराड़
खरीदी की जांच की जा रही
^ नगर परिषद में टेंडर प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी तो नहीं, इसके रिकॉर्ड को जांच के लिए मंगाया है। वहां 60 की सीएफएल को ढाई 250 में दर्शाया जा रहा था। इसकी जांच की जा रही है।
जेपी गुप्ता, एसडीएम प्रशासन नप
पोहरी एसडीएम जेपी गुप्ता द्वारा पिछले 1 माह से नगर परिषद के सभी भुगतानोँ पर लगाई गई रोक अब नगर परिषद पर भारी पड़ रही है। स्थिति यह है कि अब नगर परिषद द्वारा बाजार से खरीदे जाने वाला छोटा मोटा सामान सहित पेट्रोल पंप पर वाहनों में डाला जाने वाला डीजल भी उधार मिलना बंद हो गया है। नगर परिषद द्वारा सभी का भुगतान बाद में किया जाता था, लेकिन पिछले एक माह से नगर परिषद द्वारा कोई भी भुगतान नहीं किए जाने से छोटे मिस्त्री व कामगार सहित सभी दुकानदार भी परेशान हैं।
वहीं पुराना भुगतान न होने से पेट्रोल पंप मालिक ने डीजल उधार देना भी बंद कर दिया है। जिस वजह से नगर परिषद के पेयजल व कचरा वाहन सहित अन्य ट्रैक्टर ट्रॉली अब नगर परिषद में खड़े हो गए हैं। वहीं सूत्रों की माने तो एसडीएम द्वारा पिछले 1 माह से मुख्य कार्यपालन अधिकारी का भुगतान संबंधी रिकॉर्ड पोहरी मंगवा लिया था और सभी तरह के भुगतान पर रोक लगा दी गई थी।
नगर परिषद के सभी भुगतान रुक जाने का असर सबसे ज्यादा परिषद की कचरा गाड़ी और पेयजल आपूर्ति के वाहनों पर पड़ा है जहां पेट्रोल पंप संचालक द्वारा नगर परिषद के वाहनों का डीजल रोक देने से कचरा गाड़ी वहां पर जलापूर्ति के वाहन पूरी तरह बंद हो गए हैं। इस वजह से नगर में जगह-जगह गंदगी के ढेर जमा हो गए हैं। नगर में पेयजल आपूर्ति के ट्रैक्टर ट्रॉली भी बंद हो जाने से अब लोगों को पीने का पानी भी नहीं मिल पा रहा है। इस वजह से पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है। वहीं सफाई कर्मियों ने भी कचरा वाहन उपलब्ध ना होने से अब गलियों में गंदगी के ढेर जमा हो गए हैं।
दुकानदारों ने भी बंद कर दी उधारी तो रुके काम
नगर के दुकानदारों का कहना है नगर परिषद द्वारा छोटे-छोटे जरूरी नट बोल्ट, बिजली के तार, वाहनों के टायर ट्यूब, हैंडपंप सामान, टेंट, बैनर, स्टेशनरी, फ्लेक्स सहित कई जरूरत का सामान मार्केट से खरीदा जा रहा थी लेकिन मार्केट से खरीदने के बाद 1 महीने से पेमेंट ना होने से अब दुकानदारों ने नगर परिषद को सभी तरह की उधारी देना बंद कर दिया है क्योंकि भुगतान नहीं हुआ है।
हैंडपंप खराब होने से गहराया पेयजल संकट
क्षेत्र में गर्मी के इस मौसम में कई हैंडपंप खराब पड़े हैं। जिनकी मरम्मत के लिए सामान मुहैया नहीं कराए जाने से पीने के पानी की समस्या पैदा हो गई है। वही नगर में गंदगी के ढेर देखकर जब मीडिया ने एसडीएम का ध्यान इस तरफ आकर्षित कराया तब उन्होंने पेट्रोल पंप वालों का भुगतान करने की बात तो कही लेकिन नगर परिषद के रोके गए भुगतान को कब बहाल किया जाएगा, यह अभी साफ नहीं हुआ।
उधरी में नहीं मिला डीजल
^ पेट्रोल पंप वालों का भुगतान नहीं होने से उन्होंने डीजल देना बंद कर दिया है। जिस कारण वाहन नहीं चलने से कचरा नहीं उठ रहा। व्यवस्था बनाने की कार्रवाई करेंगे।
अजीज खां, सीएमओ नप बैराड़
खरीदी की जांच की जा रही
^ नगर परिषद में टेंडर प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी तो नहीं, इसके रिकॉर्ड को जांच के लिए मंगाया है। वहां 60 की सीएफएल को ढाई 250 में दर्शाया जा रहा था। इसकी जांच की जा रही है।
जेपी गुप्ता, एसडीएम प्रशासन नप

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