भोपाल सभी सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों को सभी क्लेम समय पर मिले यह निर्देश संभाग आयुक्त श्री कविंद्र कियावत ने भोपाल संभाग के सभी जिलों के एडीएम और ट्रेजरी के अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के समय मिलने वाले सभी क्लेम और पेंशन प्रकरण की तैयारी सेवानिवृत्ति 2 साल पूर्व प्रारंभ किए जाएं। शत - प्रतिशत प्रकरणों में सेवानिवृत्ति के दिन ही शासकीय सेवकों को पी.पी.ओ का वितरण किया जाए।
संभागायुक्त श्री कियावत ने कहा कि जिन शासकीय सेवकों को पेंशन मिलने लगी है उनका जीआईएफ, जीपीएफ, डीपीएफ ग्रेच्यूटी लीव एनकैशमेंट में से किसी का भी भुगतान रुकना नहीं चाहिए। भुगतान ना होने वाले प्रकरणों का डीडीओवार सूची बनाकर 15 जून तक निराकरण किया जाए। किसी भी स्थिति में सेवा निर्मित शासकीय सेवकों को भटकना ना पड़े। जीपीएफ के भुगतान के लिए कलेक्टर से पत्र लिखवा कर एजी ऑफिस, ग्वालियर भेजकर प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण करवाएं।
श्री कियावत ने कहा कि सेवानिवृत्ति की आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष होने के कारण पेंशन प्रकरणों की संख्या में अचानक वृद्धि हुई है इसलिए प्रकरणों का त्वरित गति से निराकरण करने की आवश्यकता है। ऐसे सभी प्रकरणों का भी त्वरित निराकरण किया जाए। जिन्हें एक्सग्रेशिया का भुगतान किया गया है। विभागवार प्रकरण निकालकर परिवार पेंशन अथवा अनुकंपा नियुक्ति की कार्रवाई शीघ्र अति शीघ्र की जाए।
श्री कियावत ने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों में कोरोना काल में हुई मृत्यु के कारण अनुकंपा के संशोधित नियमों को ध्यान में रखकर ही कार्रवाई की जाए। शासन द्वारा अनुकंपा नियुक्ति के दायरे को अधिक व्यापक किया गया है। संभाग आयुक्त श्री कियावत ने कहा कि उपयुक्त सभी प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निराकरण होना चाहिए। सेवानिवृत्ति शासकीय सेवक हमारे वृहद परिवार का ही एक हिस्सा है इन्हें यहां उनके परिजनों को इन सबके निराकरण के लिए भटकना ना पड़े और उनका शासकीय व्यवस्थाओं पर विश्वास बना रहे। सभी विभाग कोशिश करें कि सेवानिवृत्ति के दिन ही शासकीय सेवक को पीपीओ का वितरण किया जाए। साथ ही लंबित प्रकरणों का निराकरण जून माह के अंत तक कर संबंधित को 1 जुलाई को क्लेम संबंधी पत्र सौंपा जाए।
बैठक में उपायुक्त श्रीमती संजू कुमारी, जेडी कोषालय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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