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खराब चावल नहीं ले गए मिल मालिक, 10 माह से सरकार भर रही गोदाम भाड़ा




शिवपुरी  सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत कटनी और रीवा जिले के मिल मालिकों ने जुलाई 2020 में 50 हजार क्विंटल खराब चावल शिवपुरी भेज दिया था। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गुणवत्ता निरीक्षकों ने अगस्त 2020 में आकर जांच की, तब तक करीब 43000 क्विंटल चावल उचित मूल्यों दुकानों पर भेजकर गरीबों को बांटा जा चुका था।

महज 7610 क्विंटल अमानक चावल बचा था, जिसे बांटने पर रोक लगा दी गई थी। इस खराब चावल को मिल मालिकों को लौटाने की कार्रवाई शुरू की गई थी लेकिन अब तक मिल मालिक यह खराब चावल उठाकर वापस नहीं ले गए। 10 महीने से 7610 क्विंटल खराब चावल पीजी गोदाम में रखा है। इस गोदाम का भाड़ा सरकार को भुगतना पड़ रहा है।

नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों की अनदेखी से सरकार को आर्थिक नुकसान हो रहा है। यह चावल इतना खराब माना गया था कि इसे जानवर भी न खाएं जिसे गरीबों को बांट दिया गया। इसके बाद भी इस चावल को भेजने वाले मिल मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने ग्रेडिंग का रास्ता निकालकर मिल मालिकों को बचा लिया जबकि इतने खराब चावल की ग्रेडिंग भी क्या होगी। जिला मुख्यालय के नजदीक रातौर स्थित पीजी गोदाम में 7610 क्विंटल रिजेक्ट चावल रखा हुआ है। सितंबर से लेकर अभी तक कुल 10 महीने बीत चुके हैं। इन 10 महीनों में गोदाम भाड़ा 4.18 लाख रु. से अधिक हो चुका है। इस नुकसान की भरपाई भी संबंधित मिल मालिकों से होना चाहिए।

43 हजार क्विंटल चावल बांटे जाने की शासन-प्रसासन ने जांच भी नहीं कराई

कटनी और रीवा से आए इस चावल को भारतीय खाद निगम की टीम ने जांच में घटिया बताया था। जांच से पहले अगस्त 2020 में लगभग 43 हजार क्विंटल चावल गरीबों में बांटा जा चुका था। इस मामले की शासन-प्रशासन ने आज तक कोई जांच नहीं कराई है। कुल मिलाकर मिल मालिकों को बचाया जा रहा है।

नान के अफसरों की मिलीभगत का खेल

जिले में खराब 43 हजार क्विंटल चावल गरीबों में बंटने और पीजी गोदाम में रखे शेष 7610 काउंटर चावल मिल मालिकों को वापस नहीं होने के पीछे कहीं ना कहीं नागरिक आपूर्ति निगम जिम्मेदार है। संबंधित जिले के अधिकारी भी लगातार मनमानी कर रहे हैं। इसी का फायदा मिल मालिक उठा रहे हैं।

कई बार पत्राचार कर माल उठाने को कहा है

रिजेक्ट चावल मिल मालिकों को वापस करने के लिए हम कई बार पत्राचार कर चुके हैं। अभी तक मिल मालिक चावल उठाने नहीं आए हैं न ही ग्रेडिंग कराई है। कुछ दिन पहले फिर से पत्र भेजकर माल उठाने के लिए कहा है। वरिष्ठ कार्यालय भी अवगत करा चुके हैं। -एसएन माहेश्वरी, जिला प्रबंधक, नागरिक आपूर्ति निगम

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