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अगस्त से काॅलेज खोलने की तैयारी, पर नहीं खुलेंगे हॉस्टल, बड़ा सवाल... कहां रहेंगे छात्र



भोपाल अगर अगस्त में कोरोना के मामले नहीं बढ़े तो भले ही तय शर्तों के साथ कॉलेज खुल जाएं लेकिन पिछले डेढ़ साल से हॉस्टल संचालक लगतार नुकसान उठा रहे हैं। हॉस्टल बंद होने से जहां रखरखाव मुश्किल हो रहा है वहीं अब स्थिति यह है कि टिफिन और इससे जुड़ हुए व्यवसाय भी प्रभावित हुए हैं।

हाल में स्कूल खोले जाने के ऐलान के दौरान यह स्पष्ट किया गया था कि अगर कोरोना नियंत्रित रहा और संक्रमितों की संख्या में इजाफा नहीं होता है तो कॉलेज खोलने पर विचार होगा। अब कॉलेज संचालक भी दिशा निर्देश आने का इंतजार कर रहे हैं। हॉस्टल एसोसिएशन के पदाधिकारियों के मुताबिक शहर में 173 रजिस्टर्ड हॉस्टल हैं। इसके अलावा विभिन्न इलाकों में 400 से ज्यादा हास्टल संचालित हो रहे हैं। अब स्थिति यह है कि संचालकों ने स्टाफ भी बहुत सीमित कर दिया है। 1200 से ज्यादा कर्मचारी हटा दिए गए हैं।

हालत ऐसी कि बैंक की किस्त भरना भी हो रहा मुश्किल

भोपाल हॉस्टल ऑनर्स एसोसिएशन के सचिव विकास वीरानी ने बताया कि हालात यह हैं कि कई हॉस्टल संचालक बैंक की किस्त भी नहीं चुका पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रॉपर्टी टैक्स, बिजली बिल व मेंटेनेंस पर खर्च होता ही है। पूरे कोरोनाकाल में करीब 12 से 15 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। संचालकों का कहना है कि कोविड प्रोटाेकाल का पालन करते हुए हास्टल खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए। कई संचालक ऐसे हैं जिन्होंने इसे तैयार करने में काफी निवेश किया अब वे कुछ और करने की स्थिति में भी नहीं है।

हॉस्टल खोलने के संबंध में शासन की ओर से ही निर्देश आएंगे। जब कॉलेज खुलेंगे तो कोविड-19 प्रोटोकाल के तहत शहर के हॉस्टल भी शर्तों के साथ खोले जाएंगे। -अविनाश लवानिया, कलेक्टर

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