भोपाल मप्र में रेत कारोबारियों के साथ अब खनिज विभाग के जिलों में पदस्थ माइनिंग अफसर एग्रीमेंट करेंगे। इन्हीं अफसरों के पास अभी रेत के अवैध उत्खनन को रोकने और अवरोध के बिना उसके परिवहन का काम है। खनिज विभाग ने कैबिनेट सब कमेटी के सामने ऐसा प्रस्ताव रखा है जिस पर फिलहाल सहमति नहीं बनी है। 27 जुलाई को कमेटी फिर चर्चा करेगी। वर्तमान में खदानों की नीलामी के साथ रेत कारोबारियों से एग्रीमेंट खनिज निगम करता है।
रेत खदानों का ताजा ठेका करीब 1250 करोड़ रुपए में उठा है। इससे पहले जब जिलों की पंचायतों के अधिकार में ये खदानें थीं तो सिर्फ 250 करोड़ के करीब राजस्व सरकार को मिला था। प्रस्तावित नई व्यवस्था में तीन साल के लिए नीलामी तो खनिज निगम करेगा, लेकिन जिलों में अलग-अलग समूहों के साथ माइनिंग अधिकारी एग्रीमेंट करेंगे। कमेटी के सामने विभाग ने प्रस्ताव दिया है कि अभी रेत का ऑफसेट प्राइज 125 रुपए प्रति घनमीटर है। इसे बढ़ाकर 250 रुपए किया जा रहा है। कैबिनेट सब कमेटी में गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव, वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा, खनिज मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह और मंत्री हरदीप सिंह डंग हैं।
12 जिलों में हो सकता है नया ठेका
कोरोना के कारण आठ जिलों मंदसौर, अलीराजपुर, रायसेन, रीवा, शिवपुरी, राजगढ़, धार और छतरपुर में रेत का ठेका निरस्त हो चुका है। पन्ना, भिंड, शाजापुर और रतलाम के ठेकेदारों ने खदान सरेंडर करने का आवेदन दे दिया है। इन जिलों में नए सिरे से ठेके हो सकते हैं।
रेत नियमों के प्रवर्तन की प्रक्रिया में नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा
रेत के ठेकेदार से जिला खनिज अधिकारी द्वारा रेत का अनुबंध करने पर रेत नियमों के प्रवर्तन की प्रक्रिया में कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। - मनोहर लाल दुबे, पूर्व खनिज सचिव, मप्र

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