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पिछोर : डॉक्टर को नहीं हटाया तो करेंगे आमरण अनशन


 

पिछोर जनपद के ग्राम पंचायत मनपुरा में साल 1962 से बना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जो कभी वर्षों बीएमओ कार्यालय हुआ करता था। लेकिन इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉक्टरों खराब रवैया से आलोचना में आगे होता दिखाई दे रहा है। यहां हर दूसरे तीसरे दिन डॉक्टर का मरीजों से विवाद होता रहता है। यहां तक कि विवाद थाने तक जा पहुंचता है। अभी हाल ही में मनपुरा के ग्रामीण और मरीजों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉ. रोहित भदकारिया पर गंभीर आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य कमिश्नर सहित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी शिवपुरी, बीएमओ पिछोर को एक शिकायती आवेदन पत्र के माध्यम से अल्टीमेटम दिया है। इतना ही नहीं पंचायत की ग्राम सभा में भी ग्रामीणों ने डॉक्टर के स्थानांतरण की कार्रवाई और व्यवस्था सुधरवाने की कार्रवाई किए जाने का ठहराव प्रस्ताव पास कर दिया है।

चेतावनी: मनपुरा अस्पताल के डॉक्टर नहीं हटाए गए तो भूख हड़ताल करेंगे

ग्रामीणों के अनुसार डॉक्टर को हटाने के लिए पंचायत ने ठहराव प्रस्ताव भी पास कर दिया है। जिस पर अब ग्रामीण एक जुट होकर काम करेंगे। व्यवस्था सुधारने और डॉक्टर को ना हटाए जाने की स्थिति में ग्रामीणों व समाजसेवकों ने भूख हड़ताल और आंदोलन की चेतावनी भी दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि मनपुरा अस्पताल में पदस्थ दो अन्य डॉक्टर नदारद ही रहते हैं। रात के समय मरीजों को नर्सों के भरोसे छोड़ दिया जाता है। जिनमें एक डॉक्टर रोहित भदकारिया शाम होते ही शराब के नशे में धुत हो जाते हैं फिर मरीजों से बहस और झगड़ा होने के बाद वे शासकीय कार्य में बाधा डालने की पुलिस में एफआईआर करवाने की धमकी देते हैं।

आरोप: रात के समय आने वाले मरीजों का नहीं किया जाता उपचार

डॉक्टर नशे में होने के चलते रात के समय मरीजों को बिना इलाज किए हैं रेफर कर देते हैं। हाल ही में विवेक मिश्रा नाम के एक मरीज को सीने में तेज दर्द होने के कारण अस्पताल पर पहुंचने पर डॉक्टर ने यह कहकर उपचार नहीं किया कि मैं अवकाश पर हूं। मरीज का आरोप था कि वह अपनी गाड़ी में बैठकर शराब पी रहे थे और मुझे देखा भी नहीं। इसके अलावा आदिवासियों को उपचार के लिए लेकर पहुंचे एक अन्य व्यक्ति से भी विवाद होने की बात सामने आई है, जो पुलिस थाने तक पहुंची। शिकायतकर्ता ग्रामीणों ने बताया कि लगभग 16 साल से जमे हुए डॉक्टर रोहित भदकारिया मरीजों से अभद्र व्यवहार करते हैं। ऐसे में बीमार लोग इलाज कराने से डरते हैं।

आरोप: डॉक्टर रहते हैं नशे में, इसलिए मरीज डरते हैं

ऐसे में जब अस्पताल प्रभारी ही नशे में रहेगा तो अन्य कर्मचारी भी मनमर्जी करते हैं। ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में डॉक्टर रोहित का स्थानांतरण किए जाने तथा अस्पताल की व्यवस्थाएं सुधारे जाने की मांग की है।

पुरानी रंजिश के चलते कुछ लोग टारगेट कर रहे

मैंने तो इतनी मेहनत की है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जिले में अव्वल बना हुआ है। मेरे प्रति पुरानी रंजिश के चलते कुछ लोग पीछे पड़े हुए हैं, जो मुझे टारगेट कर रहे हैं। मेरे बारे में मेरे वरिष्ठ अधिकारियों से आप बात कर सकते हैं। इससे सच्चाई का पता लगाया जा सकता है।
डॉ. रोहित भदकारिया, मनपुरा

सीएमएचओ को जानकारी है

मनपुरा अस्पताल और डॉक्टर भदकारिया के संबंध में सारी जानकारी सीएमएचओ को है। वे ही उचित कार्रवाई कर सकेंगे। वैसे यह शिकायत अभी मेरे पास नहीं आई है।
डॉ. संजीव वर्मा, बीएमओ पिछोर

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