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शिवपुरी : ग्राम मझेरा में टीबी जांच एवं उपचार शिविर मरीजों की जांच कर आवश्यक परामर्श दिया



मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.पवन जैन की उपस्थिति एवं मार्गदर्शन में ग्राम मझेरा में टी.बी जांच एवं उपचार शिविर शनिवार को आयोजित किया गया। इस शिविर में जिला क्षय अधिकारी डॉ.आशीष व्यास एवं राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों की टीम के द्वारा ग्राम ताल मझेरा, मझेरा, आमदाड कॉलोनी मझेरा का भ्रमण किया गया।
भ्रमण के दौरान इन शिविरों में आंगनवाडी कार्यकर्ता श्रीमती सीमा गुर्जर, आशा कार्यकर्ता श्रीमती अंगूरी राठौर, सरपंच श्री इंदरसिंह गुर्जर, सचिव नीलेश दुबे तथा सामाजिक कार्यकर्ता मझेरा श्री रामसिंह आदिवासी, राजा आदिवासी विशेष रूप से उपस्थित रहें। पेंशन्ट प्रोवाइडर सपोर्ट एजेंसी दीपक फाउंडेशन के कमल किशोर बाथम, हरिकिशन प्रजापति तथा अक्षयप्लस एल.टी.बी.आई के अरविंद कुशवाह तथा प्रभारी एसटीएस एवं एसटीएलएस इन्द्रकुमार गुप्ता का विशेष योगदान रहा।
तालमझेरा में 15 मरीजों का टी.बी की बीमारी एवं खांसी बुखार इत्यादि के लिये परीक्षण किया गया। इनके खखार जांच हेतु दूनेट मशीन के लिये फेलकॉन ट्यूब में सेम्पल लिये गये तथा एक गंभीर टीबी का मरीज मुकेश आदिवासी जिसका पूर्व से डॉट्स पद्धति से इलाज चल रहा था, उसका परीक्षण कर खांसी एवं श्वांस की दवा प्रदान की गई। ग्राम में एक गले में गठान की टीबी से पीड़ित मरीज श्रीमती चन्दा आदिवासी, पलनी श्री सुरेश आदिवासी की जांच की गई वो एक माह से डॉट्स ले रही थी उसकी गठाने ठीक होना शुरू हो चुकी हैं।
ग्राम में कोई भी गंभीर बीमारी जैसे सिलोकोसिस इत्यादि से पीडित नहीं पाया गया है। गांव में सभी 90 परिवारों की गृह भेंट कर बीमारियों के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। ग्राम आमदाड कॉलोनी मझेरा में निवासरत 20 परिवारों की गृह भेंट कर टीबी, सिलिकोसिस जैसी गंभीर बीमारियों की जानकारी प्राप्त की गई, समूह के रूप में उनकों टीबी के प्रमुख लक्षणों जैसे 15 दिन की खांसी, बुखार, वजन कम होना, खांसी में खून आना इत्यादि के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। सहरिया समुदाय के समूह को निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत पोषण राशि 500 रूपए प्रतिमाह डी.बी.टी के माध्यम से प्रदान करने की जानकारी के साथ-साथ निःशुल्क समस्त जांच उपचार हेतु शासकीय अस्पताल में आने के लिये प्रेरित किया गया। ग्राम में वर्तमान में केवल 01 टीबी का मरीज डॉट्स से उपचारत है। उसके स्वास्थ्य में भी निरंतर सुधार परिलक्षित है।
इस प्रकार वर्तमान में कुल 03 मरीज टी.बी की बीमारी का डॉट्स पद्धति से उपचार ले रहे हैं तथा उनके स्वास्थ्य में सुधार है। इनके घर के सदस्यों की भी जांच की गई और उनको बताया गया कि हमेशा मूँह पर हाथ या कपड़ा रखकर खांसे तथा इधर-उधर धूंकने से बचें। सभी ग्रामवासियों को शराब, नशीली वस्तुओं के सेवन से दूर रहने की सलाह भी जिला क्षय अधिकारी डॉ.आशीष व्यास द्वारा दी गई। वर्तमान में सभी संचालित खदानें बंद कर दी गई हैं। उनकी लीज की अवधि भी समाप्त हो चुकी है। यह जानकारी सरपंच एवं सचिव के द्वारा दी गई है। ग्राम आमदाड कॉलोनी में एक ग्रेड-दो की कुपोषित बच्ची रानी पुत्री श्री सोनू आदिवासी मिली, जिसकी जांच की गई एवं उसको एनआरसी में भर्ती कराने के लिये आंगनवाडी कार्यकर्ता श्रीमती सीमा गुर्जर को निर्देशित किया गया है। रानी को सभी टीके लग चुके है एवं लाडली लक्ष्मी योजना के लिये उसको नामांकित कर प्रमाण पत्र दिया गया है।

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