शिवपुरी के इंदार थाना अंतर्गत ठाठी गांव में अवैध संबंधों के संदेह व पुरानी चुनावी रंजिश के चलते गांव के आधा दर्जन से अधिक लोगों ने गांव के राजेन्द्र पुत्र शैतान सिंह यादव (45) को लाठियों से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद लाश को तालाब किनारे फेंक दिया।
पुलिस ने मृतक के पुत्र भैय्यन की शिकायत के आधार पर आरोपी शम्भू लोधी, चिंटू लोधी, उमा लोधी, रविन्द्र यादव, दुर्गेश यादव, मोहित यादव, निर्मल यादव, दानवीर यादव के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है।
पूर्व नियोजित षड्यंत्र के तहत की गई हत्या...?
इस हत्याकांड को लेकर मृतक राजेन्द्र के परिवार से जुड़े विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि इस हत्याकांड को पूर्व नियोजित षड्यंत्र के तहत अंजाम दिया गया है। बताया जा रहा है कि शम्भू को संदेह था कि मृतक राजेन्द्र व उसकी पत्नी उमा के बीच अवैध संबंध हैं।
वहीं रविन्द्र के परिवार की मृतक के परिवार से पुरानी चुनावी रंजिश चली आ रही थी। निकट भविष्य में होने वाले पंचायत चुनावों में भी मृतक का परिवार व आरोपी रविन्द्र का परिवार चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था, जिसके चलते रविन्द्र उर्फ रब्बा ने शंभू को राजेन्द्र व उसकी पत्नी उमा के अवैध संबंधों की बात को लेकर भड़काकर उसे राजेन्द्र की हत्या करने के लिए षड्यंत्र में शामिल किया। यह सभी परिस्थितियां राजेन्द्र की हत्या का कारण बनी हैं।
दिनभर पिलाई शराब, रात को उतारा मौत के घाट
ग्रामीणों के अनुसार पूर्व नियोजित षड्यंत्र के तहत आरोपी शम्भू लोधी व रविन्द्र यादव ने मृतक राजेन्द्र यादव के साथ दिन भर शम्भू के घर के बाहर बानी गोपाल की झोंपड़ी में बैठ कर शराब पी और इसके बाद वहां उससे झगड़ा किया। वहां से दोनों उसे शम्भू के घर में ले आए और यहां लाठियों से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद लाश को घसीट कर तालाब के किनारे फेंक आए।
राकेश को पीटा, तब बताई लाश
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के राकेश ढीमर नाम के एक युवक ने रात करीब 11 बजे मृतक के घर आकर सूचना दी कि शम्भू ने राजेन्द्र को मार दिया है। मृतक के परिवार वाले जब शम्भू के घर पहुंचे तो वहां न तो शम्भू था और न राजेन्द्र। आसपास भी कोई नहीं था, जब राकेश से दोबारा पूछा तो वह न नुकुर करते हुए कहने लगा कि उसे कुछ पता नहीं है। इस पर राकेश की पिटाई लगाई गई तो उसने बताया कि लाश तालाब के पास पड़ी हुई है।
पुलिस ने जुटाए फॉरेंसिक सबूत
घटना के बाद पुलिस की फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची व सभी स्थानों का मुआयना कर वहां के वैज्ञानिक सबूत एकत्रित किए। फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. एचएस बरहादिया का कहना है कि घटनास्थल और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को देखने पर यह प्रतीत हो रहा है कि हत्या की उस वारदात को एक या दो लोगों ने ही अंजाम दिया है।
अगर हत्या की वारदात में ज्यादा लोग शामिल होते तो लाश को घसीटकर तालाब तक नहीं ले जाया जाता। लाश इसलिए घसीटी गई है। क्योंकि आरोपियों से लाश उठी नहीं। अगर ज्यादा लोग मौके पर होते तो लाश को घसीटकर नहीं उठा कर ले जाते।
थाना प्रभारी केएन शर्मा ने बताया कि मामले में आठ आरोपियों के खिलाफ प्रकरण कायम कर लिया गया है। फिलहाल सभी फरार हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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