ग्वालियर में एक युवती को धमका कर अनजान कॉल करने वाले ने उससे उसकी इंस्टाग्राम ID का पासवर्ड पूछ लिया। इसके बाद उसकी इंस्टाग्राम ID हैक कर ली। उसी को अश्लील मैसेज व फोटो पोस्ट करने लगा। घबराकर युवती ने 7 नवंबर को मामले की शिकायत क्राइम ब्रांच में की थी। पर उसके आवेदन पर तत्काल कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पर युवती के परिजन व्यापमं कांड खुलासे में अहम भूमिका निभाने वाले RTI एक्टिविस्ट आशीष को लेकर क्राइम ब्रांच पहुंचे। यहां आरोप है कि महिला इंस्पेक्टर वर्षा सिंह ने पीड़िता से अभद्रता की।
आशीष का कहना है कि उन पर दबाव डाला गया। इस पर आशीष ने तत्काल पूरे मामले से DGP, IG, व ग्वालियर SP को अवगत कराया। पुलिस कप्तान ने FIR के निर्देश दिए। इसके बाद आनन-फानन में रविवार को मामला दर्ज किया गया है। आशीष पर दबाव डालने का मामला भोपाल तक पहुंच गया है। इससे पूरी क्राइम ब्रांच के हाथ पांव फूल गए हैं। क्योंकि वो जानते हैं कि आशीष ईमानदार छवि रखते हैं। ऐसे में उनकी शिकायत को भोपाल में अफसर तवज्जो देते हैं।
यह है पूरा मामला
- पीड़ित युवती ने आवेदन में बताया कि कुछ दिनों से उसके मोबाइल पर अंजान व्यक्ति के मोबाइल से कॉल आ रहे थे। वह कॉल रिसीव नहीं कर रही थी, लेकिन जब ज्यादा कॉल आए तो युवती ने कॉल रिसीव किया। सामने से एक युवक ने उसे धमकाना शुरू कर दिया। युवती से बोला कि तुझे मार दूंगा और तेरे परिवार को मारकर तुम्हारा बुरा हाल कर दूंगा। उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगा। डरा धमकाकर उसने युवती से उसके इंस्टाग्राम आईडी का पासवर्ड ले लिया। फिर उसे ब्लेकमेल करने लगा।
युवती की इंस्टाग्राम आईडी हैक करके लोगों को मैसेज और अश्लील वीडियो भेजने लगा। लोगों ने जब युवती के इंस्टाग्राम पर इस तरह के मैसेज देखे तो उसे फोन किए। वह लोगों को समझाते समझाते परेशान हो चुकी थी। इसके बाद 7 नवंबर को युवती ने मामले की शिकायत क्राइम ब्रांच में की थी। पर क्राइम ब्रांच ने उस पर कोई एक्शन नहीं लिया था।
युवती से RTI एक्टिविस्ट के सामने की अभद्रता
शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने और आरोपी द्वारा लगातार प्रताड़ित किए जाने पर परेशान युवती के परिजन ने RTI एक्टिविस्ट आशीष चतुर्वेदी से बात की। आशीष, पीड़ित युवती और उनके परिजन के साथ क्राइम ब्रांच पहुंचे। यहां महिला इंस्पेक्टर वर्षा सिंह मिलीं। अन्य अधिकारी भी वहां थे। यहां मामले में सुनवाई न करने पर बहस और विवाद हुआ है। RTI एक्टिविस्ट आशीष का आरोप है कि इंस्पेक्टर वर्षा सिंह ने उन पर दबाव डालने का प्रयास किया। अन्य पुलिस अफसर भी दबाव डालते नजर आए। पीड़ित युवती से महिला इंस्पेक्टर ने अभद्रता की।
DGP, IG व ग्वालियर SP को दी सूचना
RTI एक्टिविस्ट आशीष ने इस तरह के व्यवहार का विरोध किया और सीधे DGP, IG, व ग्वालियर SP को सूचना दी। आशीष के इस तरह से अफसरों को शिकायत देने से क्राइम ब्रांच के अफसरों के हाथ पांव फूल गए। ग्वालियर एसपी अमित सांघी ने तत्काल मामले में FIR के निर्देश दिए। आनन फानन में रविवार को इस मामले में युवती की शिकायत पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में RTI एक्टिविस्ट आशीष चतुर्वेदी का आरोप है कि उस पर दबाव डाला गया। जिससे उसने डीजीपी को भी अवगत करा दिया है।
महिला इंस्पेक्टर का कहना
मामले में जिस महिला इंस्पेक्टर वर्षा सिंह पर अभद्रता का आरोप लगाया गया है, उनका कहना है कि यह सब आरोप झूठे हैं। उन्हें तो यह भी नहीं पता कि यह मामला कहां दर्ज हुआ है, जबकि उनके ही क्राइम ब्रांच थाने में युवती की शिकायत पर FIR दर्ज की गई है।
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