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शिवपुरी : वर्चुअल माध्यम से लॉ स्टूडेंट्स को बताए कानूनी प्रावधान

शिवपुरी, 


जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिवपुरी द्वारा प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री विनोद कुमार के मार्गदर्शन में लॉ कॉलेज शिवपुरी के छात्र-छात्राओं के साथ वर्चुअल माध्यम से परिचर्चा आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता जिला न्यायाधीश एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती अर्चना सिंह द्वारा की गई।

जिला न्यायाधीश श्रीमती अर्चना सिंह द्वारा छात्रों को विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 के प्रावधानों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि ऐसा प्रत्येक व्यक्ति जो कि अनुसूचित जाति जनजाति का सदस्य है या कोई महिला, बालक, दिव्यांग, ऐसा कोई व्यक्ति जो की अभिरक्षा में है या जो जातीय हिंसा, बाढ़, सूखा, प्राकृतिक आपदा से प्रभावित है अथवा ऐसा प्रत्येक व्यक्ति जिसकी वार्षिक आय 2 लाख रूपए से कम है न्यायालय में केस लड़ने के लिए शासन की ओर से निःशुल्क प्रदान किया जाएगा जिसके लिए व्यक्ति को कोई खर्च करने की आवश्यकता नहीं है। मामले पर होने वाले व्यय शासन की ओर से उठाए जाएंगे।

कार्यक्रम में अतिथि वक्ता के तौर पर जिला न्यायाधीश एवं प्रधान न्यायाधीश बालमित्र न्यायालय पॉक्सो श्रीमती सिद्धि मिश्रा द्वारा छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि बच्चों के साथ कोई अपराध होता है तो उसकी सुनवाई लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत स्थापित चाइल्ड फ्रेंडली कोर्ट में की जाएगी तथा उसके लिए अधिनियम में विशेष प्रावधान किए गए हैं जिसके अंतर्गत सुनवाई के दौरान न्यायाधीश एवं पुलिस तथा वकील सभी सिविल पोशाक में रहेंगे ताकि बच्चों में किसी भी प्रकार का भय ना हो।

इसी प्रकार 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को बालक माना गया है तथा उनके लिए विशेष किशोर पुलिस इकाई का गठन किया गया है जहां वह आसानी से शिकायत कर सकते हैं। इसी के साथ-साथ उनके द्वारा उक्त अधिनियम में बताए गए अपराधों के संबंध में भी छात्र छात्राओं को जानकारी दी जिसके अंतर्गत विभिन्न प्रकार के लैंगिक अपराधों जिसमें लैंगिक उत्पीड़न के बारे में बालकों को बताया कि लैंगिक हमला किए जाने पर ऐसी सजा का प्रावधान है जो कि 3 वर्ष से कम नहीं होगी एवं 5 वर्ष तक हो सकती है। उनके द्वारा छात्रों को कोर्ट की सामान्य प्रक्रिया के संबंध में भी अवगत कराया गया।

कार्यक्रम में छात्रों से संवाद हेतु प्रश्नोत्तरी राउंड भी रखा गया जिसमें छात्रों द्वारा विभिन्न सवाल पूछे गए। कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सहायता अधिकारी श्रीमती शिखा शर्मा द्वारा किया गया तथा छात्र छात्राओं को उक्त कार्यक्रम से जोड़ने हेतु लॉ कॉलेज प्रभारी प्रोफेसर दिग्विजय सिंह सिकरवार की प्रमुख भूमिका रही। उनके सहयोग से लगभग 100 बच्चों द्वारा उक्त कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी की गई।

समाचार क्रमांक 148/2022       ---00---

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