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बिर्रा में बिना पंजीयन कोचिंग चलाने का गोरखधंधा तेजी से चल रहा

              प्रतिकात्मक फोटो

यह बिर्रा है जनाब आपका रायपुर, बिलासपुर नहीं जहां मनमानी तरीके से फीस वसूली करेंगे

(बिर्रा में बिना पंजीयन कोचिंग सेंटर तेजी से चल रहा)

बिर्रा- स्कूल के रिजल्ट आते ही छात्र-छात्राएं अपनी अगली कक्षा की तैयारी में पूरी तरह से लग गए है, स्कूल खुलने से पहले ही छात्र कोचिंग का सहारा लेना चालू कर दिए है वैसे में छात्र अपनी पढ़ाई को लेकर शुरू से बोर्ड पेपर की तैयारी में जुट गए है। गांव में चल रहे बिना पंजीयन कोचिंग सेंटर चलाने तेजी से चल रहा है। कोचिंग के नाम पर छात्रों से प्रत्येक विषय का 2500-2500 रुपए अवैध वसूली लिया जा रहा है, अवैध रूप से चल रहे कोचिंग सेंटर आम लोगों के लिए मुसीबत बन गए हैं। न तो इनका पंजीयन है और न ही इन्हें खोलने के लिए कोई स्थान सुनिश्चित किया गया है। यह कोचिंग संचालक अभिभावकों से मनमानी फीस वसूलते हैं। जबकि इन्होंने कोचिंग सेंटर संचालित करने के लिए संस्थान का पंजीयन तक नहीं कराया है। बताया जा रहा है कि बिर्रा (बसंतपुर) मार्ग पर अनुराग कोचिंग क्लासेस संचालित हैं, जो बिना रजिस्ट्रेशन का है। और छात्रों से विषय कंप्लीट करके देने पर छात्रों से 25-25 सौ लिया जा रहा है।


क्या कहते है कोचिंग संचालक D R बंजारे

इस बारे में पूछने पर अनुराग कोचिंग क्लासेस के संचालक डी आर बंजारे ने कहा कि मैं किसी भी तरह का पंजीयन नहीं करवाया हूं, हम लोग जैजैपुर से रोज आना-जाना करते है और कोचिंग सेंटर चलाने के लिए 2 से 3 शिक्षक रखे है जिसे हर माह 5-5 हजार देना पड़ता है उपर से बिजली बिल, पानी और रूम किराया करके में रखकर पढ़ाया जाता है जिसके कारण छात्रों से 25-25 सौ रुपया लेना पड़ता है।


ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक स्थिति से जूझते है कई छात्र

ग्रामीण क्षेत्रों में रहकर पढ़ाई करना बहुत मुश्किल हो जाता है इसके साथ भी कोचिंग नाम पर अवैध वसूली लिया जा रहा है। अभी भी बिर्रा में ऐसे कोचिंग क्लासेस संचालित है जहां विषय पूरा करके 1000-1200 सौ तक ही लेते है जिसे छात्रों को भी ज्यादा जोर नहीं पड़ता है।

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