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SVP : नाेटिस का बस संचालकाें पर कोई असर नहीं ओर स्कूल वसो पर न चरित्र प्रमाण पत्र न मेडिकल सर्टिफिकेट अखिर लापरवाही किस की


 जिले में स्कूल बसों का संचालन सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार नहीं हो रहा है। शुक्रवार को इसका खुलासा तब हुआ जब शहर में 3 स्थानों पर सीजेएम सज्जन सिंह सिसोदिया के निर्देश पर मोबाइल कोर्ट ने बसों की चेकिंग की। निरीक्षण में बस चालकों के पास न चरित्र प्रमाण पत्र मिला न मेडिकल सर्टिफिकेट। चेकिंग के दौरान मौके पर सीजेएम और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। चेक की गईं 25 स्कूल बस और 7 यात्री बसों मिली कमियों की सूची यातायात विभाग ने तैयार की। अब इस संबंध में यातायात प्रभारी शनिवार को कोर्ट में चालान प्रस्तुत करेंगे। दरअसल मंगलवार को देहरदा के पास हादसे में एक स्कूल बस पंचर होने से पलट कर गिर गई थी। बस में तकरीबन 10 बच्चे सवार थे जिन्हें बड़ी चोट तो नहीं आई लेकिन हादसा इतना गंभीर था कि प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया। प्रदेश में अन्य जगह भी इस तरह की घटनाएं हुई। इस वजह से अचानक मोबाइल कोर्ट शहर के विभिन्न पॉइंट्स पर लगाई गई जिसमें 25 स्कूल बस के साथ 7 यात्री बसों को भी चेक किया गया। सेंट चार्ल्स स्कूल, सेंट बेनेडिक्ट, किड्स गार्डन, ईस्टर्न हाइट, ऋषि कुल, जी के हेरिटेज, गीता पब्लिक स्कूल, हेप्पीडेज स्कूल, इनोवेटिव स्कूल की बसें चेक की गईं।

सीजेएम ने बसों का निरीक्षण किया तो मिलीं यह कमियां

  • बसों में सीसीटीवी कैमरा नहीं था।
  • चालक के पास चरित्र प्रमाण पत्र भी नहीं था।
  • मेडिकल सर्टिफिकेट भी बस चालक के पास नहीं मिला, जिससे जाहिर हो सके कि वह दूरदृष्टि और निकट दृष्टि दोष के शिकार तो नहीं है।
  • कुछ बसों में फर्स्ट एड बॉक्स नहीं।
  • किसी बस में चालक के पास सुरक्षा संबंधी दस्तावेज नहीं मिला।
  • सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार जिन स्कूल बसों में छात्राएं आती जाती हैं, वहां पर महिला परिचायक का होना अनिवार्य है। पर स्कूल बस में महिला परिचायक नहीं मिली।
  • न वर्दी पहने हुए स्कूल चालक मिले, न वह नेम प्लेट लगाए थे।
  • कोई स्कूल बस क्षमता से अधिक बच्चों को अपने वाहन में ले जाते हुए दिखी। ऐसी सभी बसों को रोककर इनके निरीक्षण किया और इनकी सूची बनाकर शनिवार को यातायात प्रभारी सीजेएम कोर्ट में कार्रवाई की जद में आए बसों के चालान प्रस्तुत करेंगे।
  • .नाेटिस का बस संचालकाें पर कोई असर नहीं
    "महीनेभर पहले हम स्कूल संचालकों को कोर्ट द्वारा जारी दिशा निर्देश का नोटिस थमाकर आए थे। निरीक्षण के दौरान हिदायत भी दी थी कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। स्कूल बस चालकों पर न चरित्र प्रमाण पत्र मिले न मेडिकल सर्टिफिकेट। कैमरे भी चालू नहीं हैं। बस में महिला परिचारिका मौजूद नहीं मिलीं। कार्रवाई सीजेएम साहब की है। इसलिए हम शनिवार को सभी बस चालकों की कमियों को सूचीबद्ध कर चालान कोर्ट में प्रस्तुत करेंगे।"
    -रणवीर सिंह यादव, यातायात प्रभारी शिवपुरी

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