Music

BRACKING

Loading...

भागवत कथा में सुनाया श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह प्रसंग, श्रद्धालुओं ने की पुष्पवर्षा

ब्यासपीठ आचार्य पं. अर्जुन पांडेय जी से आशीर्वाद प्राप्त करते हुए, बालेश्वर साहू

बिर्रा-साहू परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में कथावाचक श्री अर्जुन पांडेय जी ने श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह प्रसंग सुनाया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह को एकाग्रता से सुना। श्रीकृष्ण-रुक्मणि का वेश धारण किए बाल कलाकारों पर भारी संख्या में आए श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।श्रद्धालुओं ने विवाह के मंगल गीत गाए।

श्रीमद भागवत कथा में उमड़ी भक्तों की भीड़

कथा के मुख्य यजमान रामेश्वर-भुवनेश्वरी साहू परिवार ने दीप प्रज्जवलित किया। प्रसंग में पांडेय जी ने कहा कि रुक्मणी विदर्भ देश के राजा भीष्म की पुत्री और साक्षात लक्ष्मी जी का अवतार थी। रुक्मणी ने जब देवर्षि नारद के मुख से श्रीकृष्ण के रूप, सौंदर्य एवं गुणों की प्रशंसा सुनी तो उसने मन ही मन श्रीकृष्ण से विवाह करने का निश्चय किया। रुक्मणी का बड़ा भाई रुक्मी श्रीकृष्ण से शत्रुता रखता था और अपनी बहन का विवाह चेदिनरेश राजा दमघोष के पुत्र शिशुपाल से कराना चाहता था।

कथा श्रवण करते हुए बालेश्वर साहू

रुक्मणी को जब इस बात का पता चला तो में उन्होंने एक ब्राह्मण संदेशवाहक द्वारा श्रीकृष्ण के पास अपना परिणय संदेश भिजवाया। तब श्रीकृष्ण विदर्भ देश की नगरी कुंडीनपुर पहुंचे और वहां बारात लेकर आए शिशुपाल व उसके मित्र राजाओं शाल्व, जरासंध, दंतवक्त्र, विदु रथ और पौंडरक को युद्ध में परास्त करके रुक्मणी का उनकी इच्छा से हरण कर लाए। वे द्वारिकापुरी आ ही रहे थे कि उनका मार्ग रुक्मी ने रोक लिया और कृष्ण को युद्ध के लिए ललकारा। तब युद्ध में श्रीकृष्ण व बलराम ने रुक्मी को पराजित करके दंडित किया।

विवाह के बाद श्रीकृष्ण के साथ रूखमणी

तत्पश्चात श्रीकृष्ण ने द्वारिका में अपने संबंधियों के समक्ष रुक्मणी से विवाह किया। भागवत कथा में बालेश्वर साहू जी (जिलाध्यक्ष यूथ कांग्रेस सक्ति एवं साहू समाज जिलाध्यक्ष जांजगीर), लाल रेवती रमण सिंह जी (लाल बाबा), मणी कश्यप, मनोज तिवारी, रितेश रमण सिंह , श्रवण थवाईत, एकादशिया साहू, चित्रभानु पांडेय , जितेंद्र तिवारी, सुरेश कर्ष,कुश पटेल, विजय देवांगन, योगेश साहू, संभू साहू, संजय अग्रवाल,अनिल साहू, तेरस साहू सहित भारी संख्या में मौजूद रहे।


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ