मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया है. एमपी में 69 सीटों पर उम्मीदवार उतारने वाली सपा खाता भी नहीं खोल सकी. चुनाव नतीजों के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि वे निराश नहीं हैं. अखिलेश ने उम्मीद जताई कि आगामी लोकसभा चुनाव में नतीजे अलग होंगे. अखिलेश ने कहा कि विपक्षी दलों को भाजपा जैसी बड़ी पार्टी से लड़ने के लिए काफी तैयारी करनी होगी.
बीजेपी ने मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में हुए विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल की है. सपा इस चुनाव में एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हो सकी. जबकि पार्टी ने 69 उम्मीदवार उतारे थे. अखिलेश यादव ने राज्य में उम्मीदवारों के समर्थन में कई रैलियां और रोड शो किए थे. चुनाव नतीजों के बाद अखिलेश ने वाराणसी में पत्रकारों से बातचीत में कहा, लड़ाई बड़ी है. बीजेपी जैसी बड़ी पार्टी से लड़ने के लिए हमें काफी तैयारी करनी होगी. हमें सख्त अनुशासन में रहना होगा और उस रणनीति से लड़ना होगा जिसके साथ वे (भाजपा) बहुमत हासिल कर रहे हैं. मुझे उम्मीद है कि लोकसभा चुनाव में नतीजे अलग होंगे
अखिलेश ने कहा, हमारी पार्टी चुनाव नतीजों को स्वीकार करती है. हम निराश नहीं हैं. राजनीति में, ऐसे नतीजे आते रहते हैं. मान लीजिए भाजपा लोकसभा चुनाव में वाराणसी से पांच लाख वोटों से जीत गई. इसका मतलब यह नहीं है कि हर कोई भाजपा से खुश है. अखिलेश यादव ने कहा, अभी भी बहुत सारे लोग हैं जो निराश हैं और जिनकी उम्मीदें टूट गई हैं.
शिवपाल बोले- कांग्रेस को लेनी चाहिए सीख
बीजेपी ने मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में हुए विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल की है. सपा इस चुनाव में एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हो सकी. जबकि पार्टी ने 69 उम्मीदवार उतारे थे. अखिलेश यादव ने राज्य में उम्मीदवारों के समर्थन में कई रैलियां और रोड शो किए थे. चुनाव नतीजों के बाद अखिलेश ने वाराणसी में पत्रकारों से बातचीत में कहा, लड़ाई बड़ी है. बीजेपी जैसी बड़ी पार्टी से लड़ने के लिए हमें काफी तैयारी करनी होगी. हमें सख्त अनुशासन में रहना होगा और उस रणनीति से लड़ना होगा जिसके साथ वे (भाजपा) बहुमत हासिल कर रहे हैं. मुझे उम्मीद है कि लोकसभा चुनाव में नतीजे अलग होंगे
अखिलेश ने कहा, हमारी पार्टी चुनाव नतीजों को स्वीकार करती है. हम निराश नहीं हैं. राजनीति में, ऐसे नतीजे आते रहते हैं. मान लीजिए भाजपा लोकसभा चुनाव में वाराणसी से पांच लाख वोटों से जीत गई. इसका मतलब यह नहीं है कि हर कोई भाजपा से खुश है. अखिलेश यादव ने कहा, अभी भी बहुत सारे लोग हैं जो निराश हैं और जिनकी उम्मीदें टूट गई हैं.
शिवपाल बोले- कांग्रेस को लेनी चाहिए सीख
उधर, बलिया में सपा महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि कांग्रेस को विधानसभा चुनाव नतीजों से सबक लेना चाहिए. हम सभी को इससे सबक लेना चाहिए. हम सभी समीक्षा करेंगे. 2024 का लोकसभा चुनाव भारतीय गठबंधन को मजबूत बनाने के बाद लड़ना चाहिए. जब शिवपाल से पूछा गया
.कि क्या यूपी में बीजेपी को बीएसपी के बिना हराना संभव है, उन्होंने कहा, सबसे पहले बीएसपी सुप्रीमो मायावती को बीजेपी से दूरी बनानी चाहिए.
हालांकि, शिवपाल यादव ने कहा, सपा बीजेपी को यूपी में हराने में सक्षम है. मध्य प्रदेश में चुनाव से पहले कांग्रेस और सपा के बीच बातचीत विफल रही थी और सपा. ने कांग्रेस पर विश्वासघात का आरोप लगाया. वहीं, यूपी कांग्रेस के नेताओं ने कहा था कि INDIA गठबंधन 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए है शिवपाल यादव ने एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के 'अखिलेश-वखिलेश' वाले बयान को लेकर कहा कि राज्य के लोगों को ये टिप्पणियां पसंद नहीं आईं.
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