ज्वारा विसर्जन करने जाते धीवर परिवार के लोग एवं भारी संख्या में उपस्थित ग्रामीण
बिर्रा-17 अप्रैल को चैत्र नवरात्र की नवमी पर बुधवार को जोत-ज्वांरा का विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया। जसगीत से भक्तिमय माहौल के बीच अलग- अलग क्षेत्रो से जोत-जंवारा लेकर श्रद्धालु तालाब व में विसर्जन करने का सिलसिला शुरू हो गया। इससे पहले अष्टमी अवसर पर मंगलवार को दोपहर से रात तक हवन का दौर चला। हवन में लोग सपरिवार शामिल हुए। मंदिरों में आयोजित हवन में शामिल होकर लोगों पूर्णाहूति दी। वहीं परिवार की खुशहाली की कामना ने विधिवत पूजा-अर्चना की। बुधवार को भी लोगों का मंदिरों में पहुंचने का क्रम जारी रहा। वहीं हवन के पश्चात बुधवार को सुबह से जोत ज्वारा का विसर्जन का क्रम शुरू हो गया।
गाजे बाजे के साथ ज्वारा विसर्जन करने निकलेइससे शहर जलाशयों व तालाबों के मार्ग में जोत का क्रम जस गीत की धुन सुबह से ही बने रहने से भक्तिमय माहौल बना हुआ है। इसके साथ ही नवरात्र पर्व पर उपवास रखने वाले भक्तो ने सुबह मंदिरों में पहुंचकर मां की पूजा अर्चना कर उपवास का समापन किया। धीवर परिवार में पीढ़ी पुजाई चैत्र नवरात्र को शुभारंभ हुआ जो नौ दिनों तक चलता रहा। वही ज्वारा विसर्जन करने बुधवार को शाम 4 बजे अपने घर से निकलकर शांति चौक, साहू मोहल्ला, थवाईत मोहल्ला होते हुए दीवान मोहल्ला पहुंचकर घनवा सागर में विसर्जन किया। इस अवसर पर सरोज शंकर धीवर, गजाराम धीवर, बहोरन धीवर, लक्ष्मीनारायण धीवर, बद्रीनारायण धीवर, हरिशंकर, किशन, हुलेश्वर, गुड्डू, रामशंकर सहित लोग भारी संख्या में परिवार के लोग और ग्रामवासी भारी संख्या में उपस्थित थे।


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