खबर मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से जहां महिलाएं अवैध शराब की विक्रय पर रोकथाम , रोक लगवाने के लिए मंगलवार को जनसुनवाई में शिवपुरी कलेक्ट्रेट पहुंची ।
विचारणीय पहलू ____
1 जब महिलाएं शिवपुरी जनसुनवाई में कलेक्ट्रेट पहुंची है इससे हम साफ अनुमान लगा सकते है कि जिले में अवैध शराब की दुकानों पर कैसे कार्यवाही होती होगी ।
2 जिले में कितनी अवैध शराब की दुकाने संचालित होनी चाहिए।
3 क्या संबंधित थाने को इस की जानकारी नहीं है ?
और नहीं है तो पुलिस का मुखबर तंत्र खत्म हो गया है और इसी कारण ज्यादा अफ़रादों को बढ़ावा मिल रहा है ?
,4 साफ है आबाकारी अधिकारी सिर्फ ऑफिस में बैठकर ही खाना पूर्ति कर लेते है छेत्र में कोई भ्रमण नहीं विभाग में किराय पर लगी गाड़ियों का दुर्पयोग ?
5 जब महिलाएं कलेक्ट्रेट पहुंची है तो संभव है अपने जनप्रतिनिधियों से भी इस की शिकायत की होगी और जनप्रतिनिधियों ने भी बंद कराने का प्रयास किया होगा ।
लेकिन कार्यवाही के नाम पर धरातल पर शून्य दिखाई देता है।
अवैध शराब की दुकान बंद करवाने महिलाएं शिवपुरी जनसुनवाई में कलेक्ट्रेट पहुंची इस का मतलब कलेक्टर साहब से नीचे का प्रशासनिक सिस्टम सारा खत्म।
जिले में भ्रष्टाचार कितना है इस से साफ अनुमान लगाया जा सकते है ।
शिवपुरी जिले के कोलारस तहसील क्षेत्र के थाना तेंदुआ के ग्राम करमई की आदिवासी महिलाओं ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में हंगामा किया और प्रशासन से शराब दुकान हटाने की मांग की। महिलाओं का कहना है कि गांव में शराब बिक्री के कारण उनका जीवन दूभर हो गया है। कुछ लोग लाइसेंसी दुकान से शराब खरीदकर बेच रहे हैं, तो कुछ बिना लाइसेंस के अवैध रूप से शराब बेच रहे हैं।
महिलाओं ने बताया कि गांव में शराबखोरी के कारण घरेलू हिंसा, गाली-गलौज और झगड़े बढ़ रहे हैं। शराब के नशे में धुत लोग महिलाओं को अपमानित करते हैं और माहौल खराब कर रहे हैं। इससे घरों में अशांति बनी हुई है और महिलाओं को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
महिलाओं का कहना है कि शराब की लत के चलते घर के पुरुष और युवा घरों का सामान तक चोरी कर रहे हैं। इसकी वजह से परिवारों में रोज झगड़े हो रहे हैं और उनके बच्चों के भूखों मरने की नौबत आ गई है। उन्होंने कहा कि यदि शराब बिक्री पर रोक नहीं लगाई गई, तो हालात और भी बिगड़ सकते हैं।
महिलाओं ने प्रशासन से मांग की कि गांव से शराब की दुकान को तुरंत हटाया जाए और अवैध शराब बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। इस दौरान रेखा आदिवासी, ममता, गुड्डी, राजो, हिरनाम, बीला, शीला, उमरिया, मोती, धांची समेत कई महिलाएं कलेक्ट्रेट पहुंची और विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही शराब बिक्री पर रोक नहीं लगाई गई, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगी।

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