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Shivpuri News : बेटे ने रची साजिश! करोड़ों की जमीन के लिए पिता को जबरन नशामुक्ति केंद्र में कराया भर्ती, भाई ने लगाई न्याय की गुहार


शिवपुरी/गुना (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के गुना जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक बेटे पर अपने ही पिता को करोड़ों की संपत्ति हड़पने की नीयत से जबरन नशामुक्ति केंद्र में कैद करने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद अब पीड़ित के भाई ने शिवपुरी पुलिस अधीक्षक (SP) से हस्तक्षेप की मांग की है।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी अनुसार, ग्राम श्यामपुर (जिला गुना) निवासी गंगाराम रघुवंशी (45 वर्ष) बीते 19 अप्रैल 2026 की रात से लापता बताए गए थे। उनके भतीजे रवि रघुवंशी ने गुना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी 

कि गंगाराम एक शादी समारोह में शामिल होने 'नवलोक गार्डन' आए थे, जिसके बाद से वे घर नहीं लौटे।

ज़मीनी विवाद और साज़िश का खुलासा

मामले में नया मोड़ तब आया जब लापता गंगाराम के भाई जगदीश रघुवंशी ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपा। जगदीश का आरोप है कि:

शादी समारोह से 'गायब' हुए थे गंगाराम

मिली जानकारी  अनुसार, गुना जिले के ग्राम श्यामपुर निवासी गंगाराम रघुवंशी (45 वर्ष) बीते 19 अप्रैल 2026 की रात से लापता थे। उनके भतीजे रवि रघुवंशी ने गुना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी कि गंगाराम गुना के 'नवलोक गार्डन' में एक शादी समारोह में शामिल होने आए थे, जिसके बाद वे घर नहीं लौटे। पुलिस ने इसे गुमशुदगी (रजिस्ट्रेशन नंबर 0068/2026) के तौर पर दर्ज किया था।

भाई का सनसनीखेज खुलासा: 'नशा नहीं करते भाई'

मामले में नाटकीय मोड़ तब आया जब लापता गंगाराम के भाई जगदीश रघुवंशी ने पुलिस अधीक्षक (SP) को एक शिकायती पत्र सौंपा। जगदीश का दावा है कि उनके भाई लापता नहीं हुए, बल्कि उन्हें उनके सगे बेटे सतीश रघुवंशी ने अपने साथियों के साथ मिलकर अगवा किया है।

जगदीश रघुवंशी के मुख्य आरोप:

• ज़बरन कैद: सतीश ने अपने पिता को शिवपुरी के 'प्रतिज्ञा नशामुक्ति केंद्र' में जबरन भर्ती करा दिया है।

• झूठा आरोप: गंगाराम किसी भी तरह का नशा नहीं करते हैं, फिर भी उन्हें नशामुक्ति केंद्र में रखा गया है।

• मिलीभगत:  आरोप है कि नशामुक्ति केंद्र के संचालक आगम तोमर ने सतीश के साथ मिलकर इस साज़िश को अंजाम दिया है।

करोड़ों की ज़मीन है असली वजह?

जगदीश रघुवंशी ने दावा किया है कि पिता और पुत्र के बीच ज़मीन को लेकर SDM न्यायालय में विवाद चल रहा है। जिस ज़मीन की कीमत 1 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है, उसकी अगली सुनवाई 30 अप्रैल 2026 को होनी थी। आरोप है कि इसी सुनवाई को रोकने और ज़मीन हड़पने के उद्देश्य से बेटे ने नशामुक्ति केंद्र के संचालक आगम तोमर के साथ मिलीभगत कर अपने पिता को वहां बंधक बनवा रखा है।

पीड़ित का पक्ष

शिकायतकर्ता जगदीश ने पत्र में स्पष्ट किया है कि गंगाराम का अपनी पत्नी और बेटे से पिछले 20 वर्षों से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि नशामुक्ति केंद्र विवादों में घिरा रहता है और खबर लिखे जाने तक गंगाराम को मुक्त नहीं किया गया था 

₹1 करोड़ से अधिक की पैतृक संपत्ति/ज़मीनी विवाद

फिलहाल यह मामला पुलिस की जांच के अधीन है। जहाँ एक तरफ गुना पुलिस ने गुमशुदगी (Missing Person Registration No. 0068/2026) दर्ज की है, वहीं अब SP शिवपुरी को दी गई शिकायत के बाद नशामुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली और पारिवारिक धोखाधड़ी के इस मामले ने तूल पकड़ लिया है।

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