देश में गेहूँ उपार्जन के मामले में मध्यप्रदेश अब लगातार आगे बढ़ रहा है। इस वर्ष पंजाब के बाद सर्वाधिक गेहूँ उपार्जन मध्यप्रदेश में होने जा रहा है। मध्यप्रदेश में अब तक 10 लाख से
मुख्यमंत्री कर रहे हैं सतत निरीक्षण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश में हो रहे गेहूँ उपार्जन की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। वे स्वयं खरीदी केन्द्रों का औचक निरीक्षण भी कर रहे हैं। उन्होंने स्वयं तौल व्यवस्था, बारदाने की उपलब्धता और खरीदी केन्द्रों पर किसानों के लिये उपलब्ध जरूरी सुविधाओं का आकस्मिक निरीक्षण भी किया है। साथ ही किसानों से संवाद कर उपार्जित गेहूँ के भुगतान आदि के बारे में जानकारी ली जा रही है। मुख्यमंत्री के इन औचक निरीक्षण से उपार्जन केन्द्रों की व्यवस्थाएँ और अधिक अनुकूल और सहज हो रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार मंत्रीगण और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा भी उपार्जन केन्द्रों का निरीक्षण किया जा रहा है। |
अधिक किसानों से 63 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है। प्रतिदिन लगभग 5 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। शनिवार 9 मई को ही 4 लाख 86 हजार मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन हुआ है। उपार्जन की गति के दृष्टिगत स्पष्ट है कि 23 मई तक लगभग 100 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य को पूरा कर लिया जायेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से 78 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के उपार्जन लक्ष्य को केन्द्र सरकार द्वारा 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। गेहूँ का उपार्जन 23 मई तक किया जायेगा। अभी तक 14 लाख 83 हजार किसानों द्वारा गेहूँ उपार्जन के लिये स्लॉट बुकिंग कराई जा चुकी है। किसानों को 11623.43 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है।
राज्य | विक्रेता किसान (लाख में) | अंतिम तारीख |
मध्यप्रदेश | 10 | 23-5-2026 |
हरियाणा | 9.10 | 15-5-2026 |
पंजाब | 7.5 | 10-5-2026 |
उत्तर प्रदेश | 2 | 15-6-2026 |
राजस्थान | 1.67 | 31-5-2026 |
मध्यप्रदेश में हो रहे सर्वाधिक किसान लाभान्वित
इन आँकड़ों के मुताबिक हरियाणा में अभी तक 9.10 लाख किसान, पंजाब में 7.5 लाख किसान, उत्तर प्रदेश में 2 लाख किसान और राजस्थान में 1.67 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं। वहीं मध्यप्रदेश में अभी तक 10 लाख से अधिक किसान उपार्जन प्रक्रिया में लाभान्वित हो चुके हैं।

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