शिवपुरी जिले में युवाओं को नशे की गर्त में जाने से बचाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा की अध्यक्षता में 'नारकोटिक्स एवं नशीले पदार्थों की रोकथाम' समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया समेत जिला स्तर के सभी आला अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के प्रमुख फैसले और कड़े निर्देश
- शैक्षणिक संस्थानों के पास सख्ती: स्कूलों और कॉलेजों के आसपास बिक रही धूम्रपान व नशीली सामग्रियों की दुकानों को तत्काल हटाने के आदेश दिए गए हैं।
- मेडिकल स्टोर और ढाबों पर निगरानी: ड्रग इंस्पेक्टर और आबकारी अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे मेडिकल स्टोर्स, शराब दुकानों और हाइवे के ढाबों पर लगातार छापेमारी और निरीक्षण करें।
- स्कूलों में जागरूकता अभियान: कम उम्र के बच्चों में नशे की लत पर चिंता जाहिर करते हुए शिक्षा विभाग को सभी स्कूलों में अवेयरनेस कैंप लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
- नशा मुक्ति केंद्रों की जांच: जिले में चल रहे रीहैब (नशा मुक्ति) सेंटर्स का समय-समय पर निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाएं जांचने को कहा गया है।
कलेक्टर अर्पित वर्मा ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंधित दवाओं और नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री पर शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति अपनाई जाएगी।

0 टिप्पणियाँ