शिवपुरी ! सरकारी तंत्र की सुस्ती और आम जनता की सुविधाओं से खिलवाड़ करने वाले कर्मचारियों पर शिवपुरी जिला प्रशासन ने चाबुक चला दिया है। बुधवार को कलेक्टर अर्पित वर्मा जब बिना किसी पूर्व सूचना के दिनारा क्षेत्र के गांवों में पहुंचे, तो स्वास्थ्य से लेकर शिक्षा विभाग तक की लापरवाही उजागर हो गई।
ज़मीनी स्तर पर क्या कमियां मिलीं?
1. ताले में बंद मिला स्वास्थ्य केंद्र: थनरा के उप स्वास्थ्य केंद्र पर जब मरीज इलाज की उम्मीद करते हैं, वहां ताला लटका मिला। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा।
2. आंगनवाड़ी व्यवस्था में लापरवाही: बच्चों और माताओं के पोषण से जुड़ी आंगनवाड़ी सेवाओं में अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की गई।
3. स्कूली शिक्षा पर जोर: स्कूलों में बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए।
अफसरों को कड़ा संदेश
निरीक्षण के अंतिम चरण में कलेक्टर का आदिवासी बस्ती में जाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनना यह दर्शाता है कि प्रशासन अब सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि ज़मीन पर उतरकर जवाबदेही तय करने के मूड में है।

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