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Shivpuri News : शिवपुरी के प्राइवेट हॉस्टल पर पालकों का गंभीर आरोप: समय पर नहीं मिलता था खाना, फीस मांगने पर धक्का देकर निकाला बाहर

शिवपुरी। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में संचालित एक निजी (प्राइवेट) हॉस्टल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। शनिवार को बच्चों के भविष्य और सेहत को लेकर चिंतित कुछ पालक (अभिभावक) कोतवाली थाने पहुंचे और हॉस्टल संचालक के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। पालकों ने हॉस्टल प्रबंधन पर बच्चों को भूखा रखने, दुर्व्यवहार करने और नियमानुसार फीस वापस न करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

1. "दोपहर 12 बजे तक नहीं मिलता था भोजन"

बम्हारी गांव के निवासी ब्रज मोहन ने बताया कि उन्होंने अपने कक्षा 3 में पढ़ने वाले छोटे बेटे का दाखिला इस प्राइवेट हॉस्टल में कराया था, जिसके लिए उन्होंने 50,000 रुपये जमा किए थे।

ब्रज मोहन का आरोप है कि हॉस्टल में बच्चों की मूलभूत सुविधाओं का ध्यान नहीं रखा जा रहा था। बच्चों को दोपहर 12 बजे तक भी खाना नहीं दिया जाता था, जिससे मासूम कई-कई घंटे भूखे रहने को मजबूर थे। बच्चे की बिगड़ती स्थिति को देखकर जब उन्होंने उसे हॉस्टल से निकाला और जमा फीस वापस मांगी, तो संचालक ने साफ इनकार कर दिया।

2. 8 दिन में ही काटी आधी फीस!

इसी गांव के एक अन्य निवासी छोटेलाल लोधी ने बताया कि उन्होंने अपने कक्षा 10वीं के बेटे का एडमिशन हॉस्टल में कराया था और 9,000 रुपये जमा किए थे। हॉस्टल की अव्यवस्थाओं और भोजन न मिलने के कारण बच्चा महज 8 दिनों में ही परेशान हो गया। जब उन्होंने बेटे को हॉस्टल से हटाया, तो संचालक ने 9,000 में से 4,000 रुपये काटकर केवल शेष राशि वापस की।

इसी तरह कल्याण सिंह ने बताया कि उनके बच्चे ने भी केवल 8 दिन ही हॉस्टल में बिताए। उन्होंने 13,000 रुपये जमा किए थे, लेकिन प्रबंधन ने 5,500 रुपये काटकर बाकी पैसे लौटाए।

3. बच्चों पर कड़ी निगरानी: फोन पर भी सच बोलने की आजादी नहीं

पालकों का एक और चौंकाने वाला आरोप यह है कि हॉस्टल संचालक बच्चों पर सख्त पहरा रखते थे। जब भी बच्चे अपने माता-पिता से फोन पर बात करते थे, तो संचालक हमेशा उनके पास खड़े रहते थे। ऐसा इसलिए किया जाता था ताकि बच्चे हॉस्टल में हो रही अनियमितताओं और अव्यवस्थाओं की जानकारी अपने परिजनों को न दे सकें।

4. विरोध करने पर धक्का देकर बाहर निकाला

तीनों पालकों का आरोप है कि जब उन्होंने फीस वापसी और हॉस्टल की खराब व्यवस्थाओं को लेकर संचालक से बातचीत करने की कोशिश की, तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और धक्का देकर बाहर निकाल दिया गया।

पुलिस व DEO से निष्पक्ष जांच की मांग

पीड़ित पालकों ने कोतवाली पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) से भी इस पूरे मामले की जांच करने और अवैध रूप से चल रही ऐसी अव्यवस्थाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

आपकी क्या राय है?

क्या प्राइवेट हॉस्टलों की मनमानी और सुरक्षा/खान-पान के मानकों की नियमित जांच होनी चाहिए?

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