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शिवपुरी जिले में 35,508 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध: अब WhatsApp से मिलेगा खाद का टोकन


शिवपुरी। जिले में किसानों की सुविधा एवं रबी फसलों की बोनी हेतु रासायनिक उर्वरकों (खाद) की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के अनुसार जिले में वर्तमान में कुल 35 हजार 508 मीट्रिक टन खाद का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

रबी सीजन में अब तक हुआ खाद का वितरण

कृषि विभाग के उपसंचालक के अनुसार रबी सीजन (01 अक्टूबर से) के तहत अब तक कुल 3,053 मीट्रिक टन खाद का वितरण किया जा चुका है, जिसमें शामिल हैं:

  • यूरिया: 1,734 मीट्रिक टन
  • डीएपी/टीएसपी: 756 मीट्रिक टन
  • एनपीके (NPK): 325 मीट्रिक टन
  • एसएसपी (SSP): 209 मीट्रिक टन
  • एमओपी (MOP): 29 मीट्रिक टन

कहाँ कितना स्टॉक है उपलब्ध?

जिले में डबल लॉक गोदामों, सहकारी समितियों एवं निजी विक्रेताओं के पास खाद की पर्याप्त उपलब्धता है:

  • डबल लॉक गोदाम: 8,320 मीट्रिक टन
  • प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियां: 2,393 मीट्रिक टन
  • निजी विक्रेता: 23,795 मीट्रिक टन

खाद की लंबी कतारों से मुक्ति: WhatsApp से ऐसे पाएं टोकन

शासन द्वारा किसानों को लाइनों से राहत देने के लिए WhatsApp Chatbot सेवा शुरू की गई है। किसान अपने मोबाइल से नीचे दिए गए चरणों का पालन कर टोकन प्राप्त कर सकते हैं:

  1. अपने मोबाइल में आधिकारिक नंबर 6269141000 सेव करें।
  2. इस नंबर पर WhatsApp में 'Gupshup12' लिखकर भेजें।
  3. प्राप्त स्वागत संदेश पर क्लिक कर 'प्रोफाइल चुनें' विकल्प पर जाएं।
  4. अपना जिला चुनें और खसरा नंबर का चयन करें।
  5. बोई गई फसल का विवरण दर्ज करें।
  6. 'उर्वरक चुनें' विकल्प में जाकर आवश्यक खाद का चयन करें और जमा करें।
  7. अपने नजदीकी खाद विक्रेता (रिटेलर) को चुनकर 'जनरेट टोकन' पर क्लिक करें।
  8. प्राप्त टोकन को दिखाकर आसानी से खाद प्राप्त करें।

कृषि विभाग की सलाह: डीएपी के स्थान पर एनपीके का करें उपयोग

कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि रबी फसलों की बोनी के दौरान पोषक तत्व प्रबंधन का विशेष ध्यान रखें। डीएपी (DAP) के स्थान पर एनपीके (NPK) मिश्रित उर्वरक (जैसे ग्रेड 12:32:16, 16:16:16, 20:20:0:13, 10:26:26, 14:35:14 आदि) का उपयोग करें। एनपीके से फसलों को नाइट्रोजन और फास्फोरस के साथ पोटाश और सल्फर भी मिलता है, जिससे पैदावार और मिट्टी की सेहत दोनों में सुधार होता है।

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