- करैरा मंडी छापा, शिवपुरी प्रशासन कार्यवाही स्टॉक गड़बड़ी गोदाम सील, मंडी टैक्स जुर्माना
शिवपुरी (मध्यप्रदेश): जिले के करैरा में कृषि उपज व्यापारियों द्वारा की जा रही कर चोरी और अवैध गतिविधियों पर प्रशासन ने कड़ा शिकंजा कसा है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के सख्त निर्देशों के बाद मंडी और राजस्व प्रशासन की संयुक्त टीम ने करैरा के प्रमुख व्यापारी प्रतिष्ठानों पर औचक कार्रवाई करते हुए हड़कंप मचा दिया।
एसडीएम अनुपम शर्मा और नायब तहसीलदार सुनील यादव के नेतृत्व में की गई इस जांच में ई-अनुज्ञा (e-Anugya) पोर्टल के आंकड़ों और भौतिक सत्यापन में लाखों रुपये की कृषि जिंसों के स्टॉक में भारी अंतर सामने आया है।
1. मेसर्स अभी ट्रेडर्स: ₹56.30 लाख के स्टॉक का अंतर, गोदाम तुरंत सील
जांच टीम जब मेसर्स अभी ट्रेडर्स (प्रोप्राइटर प्रमोद जैन) के गोदाम पहुंची, तो वहां मूंगफली, जौ, मसूर और चना मिलाकर कुल ₹56.30 लाख की जिंसों का अंतर पाया गया।
- मौके पर व्यापारी द्वारा नियमानुसार 5 गुना मंडी टैक्स, निराश्रित शुल्क और समझौता शुल्क के रूप में ₹4,83,595 की राशि जमा नहीं कराई गई।
- शुल्क जमा न करने पर प्रशासन ने गोदाम को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।
2. मेसर्स सचिन ट्रेडर्स: मौके पर ही ₹1.13 लाख से अधिक की वसूली
इसी कड़ी में टीम ने मेसर्स सचिन ट्रेडर्स (प्रोप्राइटर सचिन जैन) के यहां दबिश दी।
- जांच में ₹13.13 लाख मूल्य की मूंगफली व दाने के स्टॉक का अंतर पाया गया।
- व्यापारी ने मौके पर ही ₹1,13,605 का शासकीय शुल्क जमा कराया, जिसके बाद टीम ने नियमानुसार वसूली की रसीद काटी।
कृषि भूमि पर अवैध गोदाम संचालन पर डायवर्जन शुल्क लागू
इस कार्रवाई का सबसे बड़ा एंगल यह रहा कि दोनों व्यापारी प्रतिष्ठानों द्वारा कृषि भूमि का अनधिकृत (Illegal) रूप से उपयोग कर गोदाम संचालित किए जा रहे थे। इस उल्लंघन पर प्रशासन ने दोनों प्रतिष्ठानों से नियमानुसार डायवर्जन (व्यपवर्तन) शुल्क की वसूली की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
- प्रशासन का संदेश: जिले में मंडी टैक्स की चोरी, अवैध भंडारण और गैर-कृषि गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में अन्य मंडियों और व्यापारियों पर भी ऐसी कार्रवाई जारी रह सकती है।

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