Anticorruption News November 06, 2018 शिवपुरी पोहरी
पोहरी विधानसभा में राजनैतिक हलचल थमने का नाम नहीं ले रही है, किरार धाकड़ बाहुल्य विधान सभा क्षेत्र में कांग्रेस एवं बीजेपी पार्टियों से दो समजातिये प्रत्याशी मैदान में उतारने पर और जनता को अपना चाहता प्रत्याशी ना मिलने से रोष उत्पन्न हुआ है। इसी के चलते ७० ग्रामो के ग्रामीणों की सभा में रायशुमारी के बाद जयसिंह वर्मा सुपौत्र हरबिलास पटेल ( ठेहसुहारा) भी चुनाव लड़ने जा रहे है। आपको बता दे कि जयसिंह वर्मा की नानी बैजन्ती वर्मा भी पोहरी से निर्दलीय चुनाव जीत चुकी है। इस तरह से समजातिए प्रत्याशियों का एक साथ मैदान में आना पोहरी के चुनाव समीकरण पर बहुत बड़ा प्रभाव डाल सकता है।
जयसिंह वर्मा सीधे सीधे ७० से ८० ग्रामो को प्रभावित करते है और इनकी रिश्तेदारी भी इन ग्रामो में बहुत जायदा मात्रा में है। अगर जयसिंह वर्मा जी को जाति बंधुओं का साथ मिलता है तो जीतने की संभावनाएं बन सकती है और पोहरी विधानसभा को अपना एक और क्षेत्रीय नया युवा चेहरा मिल सकता है।
पोहरी विधानसभा के युवा वर्ग एकत्रित होकर रविवार को रात मैं सभी ने मत बनाया की। हरबिलास पटेल के सुपौत्र जयसिंह वर्मा जी पोहरी विधानसभा में उतारने का निर्णय लिया
इसमें रोमांचक बात यह है कि ,बीजेपी और कांग्रेस पार्टी के बड़े सक्रिय नेता ही अंदरूनी सपोर्ट में खड़े है दोनों पार्टियों के प्रत्याशी को ही दोनों पार्टियों के सक्रिय कार्यकर्ताओं को पसंद नहीं आए तो उन्होंने एक नया चेहरा सामने पोहरी विधान सभा में लाकर खड़ा कर दिया
अब देखना यह है कि पोरी विधानसभा में कमल, पंजा , हाथी, सपाक्स, निर्दलीय कौन करता है पोहरी
विधानसभा पर राज्य

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