शिक्षा विभाग में भारी कमियां
मध्यप्रदेश शासन ने शिक्षा विभाग के लिए सर्वाधिक सुविधा देने के उपरांत भी प्रधानाध्यापक करते हैं अपनी मनमानी
शिवपुरी जिले की शिक्षा विभाग में इस तरह से हैं कमिया
5 माह के बाद भी बच्चे नहीं जानते प्रैक्टिकल की परिभाषा
शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए कैलेंडर के हिसाब से नहीं होती है स्कूलों में पढ़ाई
खेलकूद के नाम पर शासन द्वारा स्कूलों में पैसा तो आता है लेकिन किसी भी प्रकार का कोई सामान नहीं खरीदा जाता
शासकीय स्कूलों में पढ़ रही बालिकाओं के लिए 5 किलोमीटर दूरे
दूरी होने पर जो साइकिल दी जाती है उसमें भी कमीशन खोरी की शिकायत और पैरंट्ससो को परेशान कर ,कुछ पैसा ले कर दी जाती है साइकिल
एंटी करप्शन न्यूज़ शिवपुरी जिले के स्कूलों पर किया भ्रमण का पता चला की
5 माह के उपरांत भी किसी भी बच्चे को ना प्रैक्टिकल कराया गया और ना ही प्रैक्टिकल लिखा है
हर साल मध्यप्रदेश शासन 15 से 50 हजार रुपए सालाना भेजती है हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों को लेकिन किसी भी स्कूल में लैवोटरी सामान खरीदने के नाम पर प्रधानाध्यापको ने साधी चुप्पी
हाई सेकेंडरी स्कूल के बच्चे कलेक्टर साहब शिल्पा गुप्ता जी की तरफ आंस भरी निगाहों से देखते हैं कभी तो हमारे कलेक्टर साहब को पता चलेगा और स्कूलों का सुधार हुआ

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