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कमजोर पंचायत राज को अधिकार सम्पन्न बनाया जायेगा

जमीन स्तर पर विकास और सामाजिक चेतना विकसित करने में पंचायतें सक्षम

भोपाल : शनिवार, फरवरी 23, 2019, 19:08 IST

प्रदेश में पंचायत राज व्यवस्था के बाद से पंचायत प्रतिनिधियों  ने सफलता के नये आयाम तय किये हैं। प्रदेश में स्थानीय स्व-शासन संस्थाओं में 50 प्रतिशत स्थान महिलाओं के लिये आरक्षित कर उनकी विकास में सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई गई है। भोपाल में आयोजित पंचायत राज प्रतिनिधियों की कौशल संवर्धन कार्यशाला में आये सरपंचगण ने अपने अनुभव बताये।

 नरसिंहपुर जिले के चावरमाढ़ा विकासखण्ड की ग्राम पंचायत सडूयर की युवा सरपंच कु. मोना कौरव, जो एम.एस.सी., एल.एल.बी. तक शिक्षित हैं, ने पंचायत राज में महिलाओं की भागीदारी पर शासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाएँ पुरुषों की तुलना में अधिक सक्रियता से कार्य करती हैं। कु. मोना ने अपने कार्य काल में गाँव के 200 वर्ष पुराने तालाब को ग्रामीणों के सहयोग से पुनर्जीवित किया है। पंचायत को ओडीएफ बनाने के साथ, 100 गोबर गैस प्लांट और 100 प्रधानमंत्री आवास का निर्माण भी करवाया है।

मंदसौर जिले की दलोदा चौपाटी प्रदेश की एकमात्र ऐसी ग्राम पंचायत है, जिसे 8 राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। सरपंच श्री विपिन जैन ने बताया कि पंचायत विभिन्न स्रोतों से प्रति वर्ष 60 लाख रुपये की आय अर्जित करती है। जन सहयोग से 570 स्ट्रीट लाइट पोल लगाकर ग्राम पंचायत का शत-प्रतिशत ऊर्जीकरण किया गया है। पहली ग्राम पंचायत है, जिसने वॉटर एडीएम, सॉलिड मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने में सफलता हासिल की है।

दमोह जिले की कुंवरपुर ग्राम पंचायत के सरपंच सोमेश गुप्ता ने गाँव के साढ़े तीन सौ परिवारों को भिक्षावृत्ति की प्रवृत्ति से मुक्ति दिलाकर स्व-रोजगार गतिवि
धियों से जोड़ा है।

रायसेन जिले के सलामतपुर विकासखण्ड के सुवारी ग्राम पंचायत के सरपंचश्री मूलचंद यादव ने अपने गाँव की 90 प्रतिशत सड़कों को सी.सी. रोड में बदलने और ग्राम को अतिक्रमण से मुक्त कराने का काम किया है।

रायसेन जिले के ओबेदुल्लागंज की ग्राम पंचायत खपरियाखापा के सरपंच श्री अशोक कुमार चौकसे ने ग्राम में महिला सशक्तिकरण, नशामुक्ति और स्वच्छता अभियान में नये कीर्तिमान स्थापित किये हैं।

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