सीईओ जिला पंचायत श्री आशीष भार्गव ने जिले के 9 सरपंच, सचिवों के विरूद्ध मध्यप्रदेश पंचायतराज अधिनियम 1993 की धारा 92 के तहत् प्रकरण पंजीबद्ध किया है। इन सरपंचों ने आंगनबाड़ी के लिए राशि आहरित कर काम नहीं कराया है और अधिनियम के तहत् शासकीय राशि के प्रवक्षण की कार्यवाही इनके विरूद्ध हुई है। जिसमें 6 मार्च को दोपहर 2 बजे विहित प्राधिकारी के समक्ष सुनवाई के लिए उपस्थिति का समय दिया गया है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार जिन सरपंच, सचिवों पर प्रकरण पंजीबंद्ध किए गए है उनमें सर्वश्री भगवान सिंह पूर्व सरपंच इकारा 1 लाख 87 हजार, सुनीता गुर्जर पूर्व सरपंच अकोला 72 हजार, गीता प्रजापति दुरसड़ा 3 लाख 85 हजार, जानकी अहिरवार सचिव दुरसड़ा 3 लाख 85 हजार, वृन्दावन कुशवाहा सरपंच सेंगुवा 1 लाख 50 हजार, अखिलेश श्रीवास्तव सचिव सेंगुवा 1 लाख 50 हजार, शील कुमारी सरपंच जुझारपुर 3 लाख रूपये, लाखन सिंह कुशवाह सचिव जुझारपुर राशि 3 लाख रूपये, लीलावती सरपंच डोंगरपुर राशि 1 लाख 80 हजार व वरौह में 3 लाख 27 हजार रूपये की राशि ली गई है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार जिन सरपंच, सचिवों पर प्रकरण पंजीबंद्ध किए गए है उनमें सर्वश्री भगवान सिंह पूर्व सरपंच इकारा 1 लाख 87 हजार, सुनीता गुर्जर पूर्व सरपंच अकोला 72 हजार, गीता प्रजापति दुरसड़ा 3 लाख 85 हजार, जानकी अहिरवार सचिव दुरसड़ा 3 लाख 85 हजार, वृन्दावन कुशवाहा सरपंच सेंगुवा 1 लाख 50 हजार, अखिलेश श्रीवास्तव सचिव सेंगुवा 1 लाख 50 हजार, शील कुमारी सरपंच जुझारपुर 3 लाख रूपये, लाखन सिंह कुशवाह सचिव जुझारपुर राशि 3 लाख रूपये, लीलावती सरपंच डोंगरपुर राशि 1 लाख 80 हजार व वरौह में 3 लाख 27 हजार रूपये की राशि ली गई है।
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