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इस गांव के 12 घरों को प्रधानमंत्री आवास की किश्त का इंतजार, लोगों की आंखों में आंसू


डबरा/ छीमक. क्षेत्र की आदिवासी दफाईयों में अभी भी प्रधानमंत्री आवास अधूरे पड़े हैं। इन आवासों के हितग्राहियों को तीसरी किस्त न मिलने से आवासों का काम पूरा नहीं हो पाया है । इस वजह से आदिवासी परिवारों को कच्चे मकानों या फिर मड़ैया में ही रहना पड़ रहा है। आदिवासी परिवार संबंधित विभागों के चक्कर लगाकर थक हारकर बैठ गए हैं लेकिन उनकी सुनवाई कोई नहीं कर रहा है। आदिवासी परिवारों में इस बात को लेकर प्रशासन के खिलाफ गुस्सा है।
ग्राम पंचायत की छीमक की 8 नंबर दफाई की आबादी 1000 के लगभग हैं। यहां प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 20 आवास स्वीकृत किए गए थे जिनमें से छह आवास पिछले एक साल से अधूरे हैं। हितग्राहियों का कहना है कि उन्हें दो किस्तें मिलने पर काम शुरू कराने के बाद काफी काम हो चुका है लेकिन तीसरी किस्त न मिलने से आवास पूरे नहीं हो पाए हैं। इसी तरह तरह 5 नंबर दफाईकी आबादी 1100 के लगभग हैं इस दफाई में भी 15 हितग्राहियों को आवास मंजूर किए गए थे जिनमें से चार आवास तीसरी किस्त न मिलने के कारण पूरे नहीं हो पाए हैं। महाराजपुर आदिवासी दफाई का हाल इसी तरह का है। इस दफाईकी आबादी करीब 8 00 के करीब है। यहां 18 लोगों को आवास स्वीकृत किए गए थे जिनमें से दो आवास अपूर्णहैं। इन हितग्राहियों को भी तीसरी किस्त नहीं मिली है। पीली कोठी आदिवासी दफाई में सात हितग्राहियों को आवास मंजूर किए गए थे जिसमें से एक हितग्राही का आवास किस्त के अभाव में नहीं बन पाया है। इस दफाईकी आबादी 500 के करीब है। क्षेत्र की 6 नंबर आदिवासी दफाई की में भी 12 पीएम आवासों में से तीन आवास अधूरे हैं। इस दफाई की आबादी 700 के लगभग है।
आवास न मिलने का दर्द छलका
आदिवासी दफाई में कईपरिवार ऐसे हैं जिन्हें आवास ही नहीं मिले हैं। पंचायत ने पहले तो आवास स्वीकृत कर दिए लेकिन बाद में यह कहते हुए निरस्त कर दिए कि जिस जमीन पर वे निवास कर रहे हैं उस जमीन का उनके नाम पट्टा नहीं है।
आदिवासी दफाई की राजो बाई,बती बाई, रघुवीर रमेश, कुंवर बाइ, कैलाशी बाई, जमुना देवी, अनीता बाई ने बताया है कि उन्हें आवास ही मंजूर नहीं किए गए हैं। जिसके कारण उन्हें घासफूस के घर में रहना पड़ रहा है।

कहां कितने आवास अपूर्ण
दफाई स्वीकृत अधूरे
8 नंबर दफाई 20 06
5 नंबर दफाई 15 04
6 नंबर दफाई 12 03
इनका है कहना
आवास स्वीकृति और तीसरी किस्त ऊपर से ही रुकी हुई है। जिसके कारण कुछ हितग्राहियों के आवास नहीं बन पाए हैं। इस मामले में लगातार कोशिश की जा रही है।
भोलाराम, सरपंच महाराजपुर दफाई
आदिवासी दफाइयों में पीएम आवास की तीसरी किस्त न मिलने का मामला है तो मैं इस संबंध में आवास का काम देखने वाले प्रभारी से जानकारी लूंगा। जांच की जाएगी कि एक साल से किस्त क्यूों अटकी रही।
कुलदीप श्रीवास्तव, सीईओ जनपद पंचायत डबरा

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