
शिवपुरी - शासन की योजना के अनुसार 25% राशि बड़ाकर पुराने ठेकेदारों ने जब दुकाने लेने से मना कर दिया तो लॉटरी सिस्टम से दुकानों की नीलामी होनी है लेकिन जिला आबकारी अधिकारी मैकाले और सहायक अधिकारी राणा की जोड़ी ने अपने चहेतों को शराब की दुकाने दिलाने के लिये इस प्रक्रिया के लिये सिर्फ थोड़े दिनों का समय रखा ताकि और अन्य लोग इतने कम समय में तैयारी न कर पायें और इस प्रक्रिया का हिस्सा न बन पायें शराब की दुकान लेने के इच्छुक नये ठेकेदारों ने पूरी प्रक्रिया समझने के लिये इन अधिकारियों से जानकारी लेनी चाही तो ये मिलने से मना कर देते हैं और फोन भी नहीं उठाते इस बजह से कई इच्छुक लोग इस प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बन पायेंगे जिससे कम्पटीशन न होने की बजह से शासन को करोड़ों रूपये की राशि का नुकसान होगा दरअसल यह इस आबकारी जोड़ी की अपने चहेतों को ठेका दिलाने के लिये सोची समझी प्लानिंग है क्योंकि तैयारी के लिये समय न मिल पाने के कारण संभवतः कई ग्रुपों में लोग फॉर्म नहीं डाल पायेंगे जिससे संभवतः दुकानों के टैण्डर डाले जायेंगे और तब इनके चहेते ठेकेदार अपनी मनमर्जी की रेट पर शराब की दुकानें ले सकेंगे कुल मिलाकर अपने चहेतों को करोड़ों का लाभ दिलाकर शासन को करोड़ों रूपये का चूना लगाने के लिये आबकारी अधिकारी मैकाले&राणा की जोड़ी की यह कूटरचित साजिश है ? इसमें षणयंत्र में इन अधिकारियों की पार्टनरशिप की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता ?
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