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ग्वालियर में बेरोजगारी से तंग मजदूर एवं डॉक्टर वर्मा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली



ग्वालियर। लॉकडाउन और कोरोना काल में मजदूरों को रोजगार देने के लिए सरकार ने टैक्स बढ़ाए, आमजन की कई सुविधाएं बंद कर दीं, कर्मचारियों के वेतन भत्ते रोक लिए परंतु मजदूरों को रोजगार उपलब्ध नहीं हुआ। बेरोजगारी से परेशान एक युवा मजदूर ने यहां फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली
गिरवाई थाना क्षेत्र के तुलाराम का पुरा निवासी बैजनाथ सिंह (45) पुत्र तुलाराम मजदूरी करता था।  वह बाजार से आया और अपने कमरे में चला गया। कुछ देर बाद पत्नी प्रीती को पड़ोस में और बच्चों को खेलने भेज दिया और फांसी लगाकर जान दे दी। घटना का पता उस समय चला जब छोटा बेटा घर पहुंचा तो वह फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। तुरंत ही उसने इसकी सूचना अपने चाचा धारा सिंह को दी। मामले का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद मर्ग कायम कर लिया है। 


डॉक्टर राजीव कुमार वर्मा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली

बिजौली थाना क्षेत्र के मुगलपुरा निवासी राजीव कुमार वर्मा (42) पुत्र छोटे लाल वर्मा डॉक्टर है और गांव में ही प्रायवेट क्लीनिक चलाता है। वह सुबह से ही शराब पी रहा था और दोपहर में उसके भाई मदन मोहन उसे लेकर घर पहुंचे और बैठक में सोने की बोल कर चले गए। कुछ देर बाद राजीव ने एक बार फिर कमरे में शराब पी और उसके बाद रस्सी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। हादसे का पता उस समय चला जब परिजन कमरे में पहुंचे तो वह फांसी पर लटका हुआ था। हादसे का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस पड़ताल में पता चला है कि मृतक का एक बच्चा है और करीब आठ साल पहले उसकी पत्नी ने भी आत्महत्या की है। फिलहाल पता नहीं चला है कि उसने किन कारणों के चलते फांसी लगाकर जान दी है। 

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