आपदा नियंत्रण केन्द्र चौबीस घंटे सक्रिय रहें अतिवर्षा से जलभराव क्षेत्रों से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं
रविवार, अगस्त 23, 2020
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अधिक वर्षा वाले जिलों और नदियों एवं बांधों के जलस्तर की जानकारी भी प्राप्त की।बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में भोपाल-इन्दौर सहित होशंगाबाद, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, उज्जैन, धार, शाजापुर, खण्डवा जिलों में सर्वाधिक वर्षा हुई है। तीन जिलों को छोड़कर कहीं भी सामान्य से कम बारिश नहीं है। करेली, होशंगाबाद, मोरटका में नर्मदा का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है। टमस, केन, टोंस, चंबल, पार्वती, बेतवा का जलस्तर भी क्रमश: सिरमौर, गुनौर, मैहर, नागदा, बरखेड़ा, मकसूदनगढ़ और नीमखेड़ा में खतरे के निशान से बहुत कम है। जलाशयों में बरगी जबलपुर का जलस्तर 421 मीटर, तवा, होशंगाबाद का जलस्तर 352 मीटर, बारना रायसेन का जलस्तर 345 मीटर, इंदिरा सागर जलाशय खण्डवा का जलस्तर 256 मीटर, ओंकारेश्वर का 194 मीटर, बाणसागर जलाशय का 341 मीटर है।
0 टिप्पणियाँ