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स्टोरीज एंड बियांड संस्‍था ने वर्चुअली मनाया वार्षिक उत्सव, भोपालियों ने भी दिखाया उत्‍साह



भोपाल बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने की दिशा में कार्यरत स्टोरीज एंड बियांड संस्था का वार्षिक उत्सव वर्चुअली आयोजित किया गया। इस कार्यकम में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले 80 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। अरिनजय त्रिपाठी को जीनियस ऑफ दि ईयर का पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त एक वर्ष में 100 से अधिक पुस्तकें पढ़ने वाले विद्यार्थियों को विशेष पुरस्कार भी प्रदान किए गए। इस कार्यक्रम के दौरान भोपाल के लोगों ने भी काफी उत्‍साह दिखाया। कार्यक्रम के दौरान स्टोरीटेलर अमिता सरकारी ने अफ्रीका की लोककथा अनंसी द स्पाइडर की मनोरंजक एकल प्रस्तुति दी। इसके अतिरिक्त पैरेंटिंग एक्सपर्ट डॉ. पल्लवी राव चतुर्वेदी द्वारा ग्रोथ माइंडसेट विषय पर एक कार्यशाला को संबोधित किया गया।

जिन विद्यार्थियों को एक वर्ष में 100 से अधिक किताबें पढ़ने के लिए विशेष पुरस्कार दिए गए, उनमें शिंजिनी पिल्लई, आरलीन अग्रवाल, स्वरा वत्स, तनुषवीर सिंह जायसवाल, अश्विना मूलचंदानी, प्रखर तिवारी, जशीथ मखीजा, कियारा अग्रवाल, यशस्वी सिंह, सिद्धांत शर्मा, रणथ शर्मा और शौर्य अग्रवाल शामिल हैं। केजी से पांचवीं कक्षा तक के सभी 80 छात्रों को इस अवसर पर सम्मानित किया गया। विजेताओं को पुरस्कार में एक पुस्‍तक और प्रमाण पत्र मिला। कार्यक्रम में पैरेंटिंग विशेषज्ञ डॉ. पल्लवी राव चतुर्वेदी ने बच्चों के विकास की मानसिकता विकसित करने पर चर्चा की। उन्होंने इससे जुड़ी रणनीतियों पर भी बात करते हुए बताया कि विकास की मानसिकता क्या है और आज की दुनिया में इसकी आवश्यकता क्यों है? अपने संबोधन में उन्होंने बच्चों में विकास की मानसिकता विकसित करने में माता-पिता की भूमिका को भी रेखांकित किया।

हाव- भाव के साथ सुनाई कहानी

स्टोरीटेलर अमिता सरकारी ने एक अफ्रीकी लोककथा अनंसी द स्पाइडर सुनाई। अनंसी की कहानी कई साल पहले पश्चिम अफ्रीका के घाना में शुरू होती है। लोकमान्‍यताओं के मुताबिक अनंसी, न्याम नामक एक महान आकाश देवता का पुत्र था। अनंसी बहुत शक्तिशाली था और वह बारिश करा सकता था या महासागरों को बता सकता था कि उन्हें कहां होना चाहिए। अनंसी बहुत शरारती भी था। उसे लोगों के साथ चालबाजी करना पसंद था। एक दिन अनंसी के पिता उससे इतना परेशान हो गए कि उन्‍होंने उसे एक मकड़ी में बदल दिया। लेकिन अनंसी के पिता उसे रोक नहीं पाए। उसने भले ही अपनी शक्तियों को खो दिया हो, लेकिन वह बहुत चालाक था। अनंसी ने अपनी बुद्धि का उपयोग अन्य जानवरों को छलने, मूर्ख बनाने और मुसीबत से बाहर निकालने के लिए किया।

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