ग्वालियर आगरा मुंबई हाईवे पर मुरैना के छोंदा टोल प्लाजा पर कुप्रबंधन की वजह से इन दिनों जाम लग रहा है। अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टोल प्लाजा पर जाम न लगे। इसके लिए फास्टेग जारी किए गए है। बिना फास्टेग वाले वाहनों के लिए अलग से लेन भी है। बावजूद इसके टोल प्लाजा पर काम करने वाले कर्मचारियों की मनमानी की वजह से अक्सर जाम की स्थिति रहती है। अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टोल प्लाजा पर तकरीबन हर वाहन को 10 से लेकर 20 मिनट जाम में स्र्कना ही पड़ता है।
जाम न लगे इसलिए लागू किया गया था फास्टेग: टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम को देखते हुए केन्द्रीय सड़क व परिवहन मंत्रालय ने फास्टेग लागू किया था। जिससे फास्टेग से टोल प्लाजा पर टैक्स अपने आप डिकेक्ट हो जाए और वाहन को ज्यादा देर तक न स्र्कना पड़े। लेकिन इस प्रक्रिया का छौंदा टोल प्लाजा पर कोई असर नहीं है। यहां पर सुबह से लेकर देर रात तक वाहनों का जाम लगा रहता है।
क्या होता है जाम का असर: किसी भी चार पहिया या बड़े वाहन को मुरैना से ग्वालियर तक आने में महज 35 से 40 मिनट का समय लगता है। लेकिन टोल प्लाजा पर जाम लगने से यह समय बढ़कर 1 से लेकर सवा घंटा हो जाता है। इससे लोगों को खासी परेशानी होती है।
क्यों लग रहा है जाम:
- टोल प्लाजा पर एक लेन को इमरजेंसी में जाने वाले वाहनों के लिए छोड़ा गया है। इस लेन मेंटोल के कर्मचारी बैरिकेड्स, ड्रम आदि रख देते हैं। ऐसे में एक लेन से आवाजाही तकरीबन बंद ही रहती है।
- छोंदा टोल प्लाजा पर जहां पर टैक्स लिया जाता है वहा ंपर तो अच्छी खासी जगह है। लेकिन उससे पहले हाईवे पर जगह कम है। ऐसे में यदि थोड़ा सा भी जाम लगा तो हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है।
- प्लाज के फास्टेग रीडिंग के लिए जो डिवाइस लगाई गई हैं। वे भी वाहनों पर लगे फास्टेग को तुरंत रीड नहीं करती। ऐसे में वाहनों को खड़ा होना पड़ता है। जब कर्मचारी अलग से फास्टेग रीडर से रीड करता है तब कहीं जाकर गेट खुलता है और वाहन निकल पाते हैं।
- टोल प्लाजा पर यदि जाम लगता है तो प्लाजा के सुरक्षा गार्ड व कर्मचारी जाम न लगे इसके लिए वाहनों को व्यवस्थित भी नहीं कराते। ऐसे में ड्रायवर वाहनों को उल्टे सीधे तरीके से टोल प्लाजा पर फंसा देते हैं । जिससे जाम लग जाता है।

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