इंदौर जिस तरह घरेलू गैस टंकी की सबसिडी उपभोक्ताओं के बैंक खातों में आती है, उसी प्रकार जिन किसान उपभोक्ताओं को शत-प्रतिशत बिजली बिल की राशि सरकार सबसिडी के माध्यम से चुकाती है, वह रकम अब किसानों के बैंक खातों के माध्यम से बिजली कंपनी को प्राप्त होगी।
पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्र में चार लाख अजा, जजा वर्ग के किसानों के वर्चुअल बैंक खाते खोले जाएंगे। नए साल में इन किसान उपभोक्ताओं की सबसिडी बैंक खातों में आएगी। फिर बिजली कंपनी को प्राप्त होगी। खाता खुलने से लेकर प्रत्येक लेन-देन का एसएमएस भी किसान को मिलेगा। शासन का यह उद्देश्य है कि प्रत्येक किसान को यह संदेश पहुंचे की उसकी मदद व कृषि को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार सिंचाई के लिए कितने रुपये की बिजली उसे मुफ्त दे रही है। अजा,जजा वर्ग के एक हेक्टेयर जमीन तथा पांच हार्स पॉवर तक के पंप वाले किसान को सरकार शत-प्रतिशत सबसिडी देती है। पहले चरण में इन्हीं किसानों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी योजना के तहत् जोड़कर सिंचाई की बिजली राशि का अंतरण किया जाएगा। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के तहत् इंदौर, देवास, धार, उज्जैन, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, आगर, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच में एक्सिस बैंक पात्र किसानों के नि:शुल्क वर्चुअल खाते खोलेगी। यह कार्य दिसंबर अंत से ही प्रारंभ हो जाएगा।
कितनी राशि की बिजली से सिंचाई
तीन हार्स पॉवर का पंप रोज औसतन दस घंटे चलने पर 25 यूनिट बिजली लेता है, इस बिजली की सामान्य दर 170 रुपये रोज होती है। इसी तरह पांच हार्स पॉवर तक का पंप 10 घंटे चलने पर करीब 40 यूनिट बिजली लेता है, इस बिजली की सामान्य दर करीब 270 रुपये होती है। इसी से सबसिडी की रकम का अंदाजा भी लगाया जा सकता है।
डीबीटी योजना शासन की प्राथमिकता में शामिल है। पश्चिम क्षेत्र में सबसे पहले झाबुआ, आलीराजपुर एवं फिर अन्य जिलों के नि:शुल्क बिजली प्राप्त करने वाले पात्र किसान शामिल डीबीटी के लिए शामिल होंगे।- अमित तोमर, एमडी मप्रपक्षेविविकं,
डीबीटी के लिए एक्सिस बैंक बिजली कंपनी की मदद से सभी पात्र किसानों के वर्चुअल खाते खोलेगी। किसान को बैंक नहीं जाना पड़ेगा। प्रत्येक किसान को यह पता चलेगा सरकार ने सिंचाई के लिए कितनी राशि की मदद दी।-मनोज झंवर, डायरेक्टर मप्रपक्षेविविकं

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