इंदौर एमपी बोर्ड प्रायवेट स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भोपाल में स्कूली शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार से मुलाकात की। एसोसिएशन ने कोरोना संकट के चलते स्कूल संचालकों के सामने छाए आर्थिक संकट का उल्लेख करते हुए अपनी मांगें शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार के सामने रखी। एसोसिएशन के पदाधिकारियों के मुताबिक मंत्री ने आश्वासन दिया कि स्कूलों को आरटीई की बकाया राशि का भुगतान एक महीने के अंदर कर दिया जाएगा। ऐसी व्यवस्था भी की जा रही है कि यह रकम डीपीसी को न जाकर सीधे स्कूलों के खाते में ट्रांसफर हो सके।
एसोसिएशन अध्यक्ष गोपाल सोनी के बताया कि हमने शासन से मांग की है कि कक्षा नर्सरी से आठवीं तक के विद्यालय नियमित रुप से खोले जाएं। मंत्री ने आश्वासन दिया है कि शासन छठी से आठवीं तक के विद्यालय खोलने को लेकर विचार करेगा। एसोसिएशन ने मांग की है कि सत्र 2021-2022 के लिए कक्षा एक से 12वीं तक की मान्यता सिर्फ आवेदन के आधार पर दी जाए। स्कूल संचालकों को मान्यता शुल्क वर्ष में कभी भी जमा करने की छूट दी जाए।
प्रायवेट स्कूल संचालकों ने आरटीई की बकाया राशि को लेकर भी अपनी मांग मंत्री के समक्ष रखी। इस पर परमार ने आश्वासन दिया कि भविष्य में आरटीई की बकाया राशि डीपीसी को ना दी जाकर सीधे स्कूलों के खाते में डाली जाएगी और स्कूलों को बकाया राशि का भुगतान एक सप्ताह में कर दिया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार स्कूल संचालकों की समस्याओं को लेकर गंभीरता से विचार करेगी।

0 टिप्पणियाँ