इंदौर कोरोना के इलाज से ठीक हुए मरीजों में मानसिक बीमारियां बढ़ रही है। पिछले कुछ महीनों में 50 से 60 प्रतिशत मरीज ऐसे बढ़े है जिन्हें नींद की समस्यां या घबराहट बढ़ने की शिकायत हो रही है। कोरोना के कारण लोगों में डर भी बढ़ा है। ऐसे में आशा कार्यकर्ता जब कभी ऐसे लोगों से मिले और उनमें इस तरह की बीमारियों के लक्षण देखे तो उन्हें इन बीमारियों के बारें में समझाइश दें और ज्यादा जरूरत हो तो मनोचिकित्सक के पास जाने की सलाह दे। ये बातें सोमवार को राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत हुकुमचंद पॉली क्लिनिक में जिला अस्पताल की मनोचिकित्सक डॉ. निधि जैन बुखारिया ने आशा कार्यकर्ताओं को कही।
पॉली क्लिनिक में 70 आशा कार्यकर्ता एकत्र हुई थी। एक सप्ताह पूर्व स्वास्थ्य विभाग द्वारा संयोगितागंज स्थित पीसी सेठी हॉस्पिटल में आशा कार्यकताओं को मनोरोग के प्रति अवेयरनेस के लिए इस तरह की कार्यशाला का आयोजन किया गया था जिसमें 130 आशा कार्यकर्ता शामिल हुई थी। अब 21दिसंबर को नंदा नगर स्थित शासकीय अस्पताल में इस तरह की कार्यशाल का आयोजन होगा। सोमवार को डॉ. निधि जैन ने हुकुमचंद पॉली क्लिनिक में मौजूद आशा कार्यकर्ताओं को मानसिक बीमारियों, डिप्रेशन, एग्जायटी व अवसाद के बारें में बताया। इनके क्या लक्षण है और मरीजों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, ये जानकारी दी गई।
डॉ. जैन के मुताबिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता समाज के जहां-जहां जाती है उन्हें कोई मनोरोगियों मिले तो वो उसके लक्षण को अच्छे समझे और उसे सही तरह के मार्गदर्शन दे और डॉक्टर तक पहुंचाए। इस मौके पर आशा कार्यकर्ताओं को पेम्पलेट, फाइल फोल्डर व बैनर भी दिए गए ताकि वो आंगनवाड़ी व अन्य स्थानों पर इसे लगाकर लोगों में मानसिक रोग के संबंध में अवेयरनेस फैलाए।
मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए दिए ये सुझाव
- छह से आठ घंटे की नींद लें।
- रोज सुबह घूमे व एक्सरसाइज करें।
- मेडिटेशन करें।
- अपने मन की चिंता व परेशानियों को लोगों करीबियों से साझा करें।
- रोज आधा घंटा अपने रूचि की चीजों में बिताएं।
- कुछ न कुछ सकारात्मक पढ़ते रहें।
- सोशल मीडिया व नेगेटिव न्यूज निश्चित समय के लिए सुनें।

0 टिप्पणियाँ