इंदौर, कोरोना महामारी से निपटने के लिए देश में टीका बनने के बाद टीकाकरण जारी है। इसी के तहत् अब इंदौर जिले के राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों को टीके लगाए जाएंगे। इसके लिए सभी का पंजीयन शुरू हो गया। इन लोगों में कलेक्टर, अपर कलेक्टर से लेकर डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी और कोटवार भी शामिल हैं। माना जा रहा है कि जिले और शहर में राजस्व विभाग के करीब एक हजार अधिकारियों और कर्मचारियों को टीके लगाए जाएंगे। इन लोगों का पंजीयन 26 जनवरी तक होगा। इसके बाद संभवत: फरवरी में इनका टीकाकरण शुरू हो जाएगा।
मालूम हो कि सबसे पहले चिकित्सा और स्वास्थ्य क्षेत्र के कर्मचारियों और तकनीशियनों को टीके लगाए जा रहे हैं, जिन्होंने कोरोना संक्रमण का सीधे मुकाबला किया। इसके बाद उन फ्रंट लाइन कर्मचारियों और अधिकारियों को टीके लगाए जाएंगे। जिन्होंने कोरोना के लिए तय दिशा-निर्देशों का पालन करवाया और संक्रमित मरीजों को अस्पताल पहुंचाया है। साथ ही अस्पतालों में कोविड से निपटने के इंतजाम किए। उन इलाकों में कानून और व्यवस्था बनाई, जहां लोगों में भ्रांति के कारण स्वास्थ्य दलों को सर्वे और सैपलिंग से रोक विरोध किया गया। इस काम में अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इन अधिकारियों को संक्रमित एरिया का प्रभारी और नोडल अधिकारी भी बनाया गया था।
क्वारेंटाइन सेंटर और कोविड केयर सेंटर की जिम्मेदारी भी इन्हीं अधिकारियों के पास रही हैं। चंदन नगर और टाटपट्टी बाखल जैसे इलाकों में सर्वे के दौरान हुए पथराव और विरोध का सामना भी पुलिस के साथ इन्हीं लोगों ने किया था। इनके अलावा महिला एवं बाल विकास के अधिकारी, कर्मचारी, सुपरवाइजर और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी इस काम में लगे रहें। फ्रंट लाइन वर्कर में इनको भी शामिल किया गया है। समानांतर रूप से इन सभी का भी टीकाकरण होगा।

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