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20 हजार का शादी का लड्‌डू

 20 हजार काशादी का लड्‌डू:भोपाल में बारात लेकर पहुंचे दूल्हों को घर और ऑफिस पर ताला मिला; समिति के माध्यम से रिश्ता तय हुआ था

छह से अधिक लोगों ने कोलार थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया

35 साल के केशव बघेल दुल्हनिया लेने भिंड से भोपाल गाजे-बाजे के साथ पहुंचे। लेकिन शादी वाले घर पर ताला लगा मिला। यहां न तो दुल्हन थी और न ही उसके परिवार वाले। शादी तय कराने वाली शगुन जन कल्याण समिति के दफ्तर में भी कोई नहीं मिला। कोलार थाने पहुंचे तो पहले से ही 6 दूल्हे और उनके परिजन बैठे थे। सबके साथ कुछ ऐसा ही हुआ था। संस्था ने सभी से 20-20 हजार रुपए गरीब लड़कियों से शादी कराने के लिए जमा कराए थे।

भिंड के मेहगांव निवासी केशव बघेल पिता सुखलाल बघेल खेती-किसानी करते हैं। उन्होंने बताया कि करीब तीन महीने पहले उनके जीजा जगदीश बाजार करने भिंड गए थे। उन्हें बस स्टैंड पर शगुन जन कल्याण समिति का पर्चा मिला।इसमें चार लोगों के नाम और नंबर दिए गए थे। पर्चे में दावा किया गया था कि समिति गरीब बच्चियों की शादी करवाता है। पर्चे पर दिए नंबर पर बात करने पर एक महिला ने कॉल रिसीव किया। उसने अपना नाम रोशनी तिवारी बताया।

उसने रिश्ते के लिए कोलार के विनिजी कुंज में स्थित ऑफिस बुलाया। 16 जनवरी 2021 की दोपहर वे ऑफिस पहुंचे। उन्हें एक लड़की दिखाई गई। केशव ने बताया कि लड़की की उम्र करीब 25 साल के आसपास रही होगी। केशव के अनुसार उसने अपने बारे में सबकुछ लड़की को बता दिया।

मुहूर्त निकलवाया, 20 हजार रुपए भी लिए
वह शादी करने के लिए तैयार हो गई थी। उसके बाद पंडित से मुहूर्त निकलवाया गया। रोशनी ने लड़की को अपनी बेटी बताया था। समिति ने शादी कराने के नाम पर 20 हजार रुपए लिए थे। शादी तय होने के बाद 25 मार्च यानी गुरुवार सुबह वे अपने परिवार के 8 सदस्यों के साथ बारात लेकर भोपाल आए।

बारात आई तो कोई नहीं मिला, मोबाइल बंद मिले
कोलार में बताए पते पर पहुंचने पर वहां ताला मिला। उन्होंने रोशनी और उसके साथियों को कॉल किया, लेकिन सभी के फोन बंद थे। हम थाने के बगल से स्थित समिति के ऑफिस पहुंचे, तो वहां भी ताला था। शाम 4 बजे तक हम इसी तरह भटकते रहे, लेकिन जब किसी से संपर्क नहीं हुआ तो पुलिस से शिकायत की। यहां थाने पहुंचने पर 6 से ज्यादा दूल्हे शिकायत करते मिले। उन्हें भी इसी तरह बारात लेकर बुलाया गया था।

ऐसे करते थे ठगी

केशव ने बताया कि रोशनी ने उनकी मुलाकात कुलदीप तिवारी और रिंकू सेन से करवाई थी। उनका कहना था कि गरीब बेटियों की शादी कराने के लिए यह संस्था चलाते हैं। इसके बाद वह लड़के को लड़की दिखाने के लिए बुलाते थे। इस दौरान रोशनी लड़की की मां बनती थी।

कोलोर पुलिस के अनुसार कुलदीप तिवारी खुद को मेट्रोमोनियल साइट्स का संचालक बताता था और रिंकू सेन संस्था का कर्मचारी बनता था। रोशनी तिवारी लड़कियों की मां बनकर फरियादियों को ठगती थी। यह गिरोह जिन जिलों व क्षेत्रों में कुछ लड़कों की शादी आसानी से नहीं होती, वहां घूम-घूमकर लोगों से संपर्क करने के साथ चौक-चौराहों और बस स्टैंड पर शादी कराने वाले पर्चे चस्पा कर अपना मोबाइल नंबर लिखते थे। इसमें लड़का और लड़की तो सच्चे होते थे, लेकिन बाकी सबक झूठ होता था।

गरीब परिवारों की बेटियों को अच्छे घर में शादी का सपना दिखाते
पुलिस के अनुसार गिरोह में कई और लोग शामिल हो सकते हैं। रिंकू, कुलदीप और रोशनी तिवारी के अलावा भी इस कम में कुछ लोगों के शामिल होने की संभावना है। रिंकू भोपाल और आसपास के जिलों में गरीब बस्तियों में शादी की उम्र की लड़कियों की तलाश करता था। घर में शादी लायक लड़की होने पर उसे बिना दहेज के अच्छे घर में शादी करवाने का झांसा देते थे। इसी बहाने लड़की को भोपाल में वर दिखाने के बहाने लाते थे। बाद में लड़कों की तरफ से रिश्ता रद्द करने की बात कहकर लड़की वालों को मना कर देते थे।

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