कोरोना संक्रमण के चलते प्रशासन की बंदिशों से इस बार रंग-गुलाल और पिचकारी व्यापारियों की होली बैरंग हो गई है। व्यापारियों की मानें तो खरीदी से कम में भी रंग-गुलाल नहीं बिक रहा है। इस बार व्यापार 70% तक कम हो गया है। थोक व्यापारियों ने 3 महीने पहले ही रंग-गुलाल और पिचकारी का स्टॉक कर लिया था। 30% माल ही बाजार में खप पाया है।
पिचकारी भी 25% ही बिकीं। शहर में हर साल करीब 400 रिटेल दुकानें लगाई जाती थीं, जो इस साल सिमटकर 125 रह गई हैं। शहर में करीब 35 थोक व्यापारी हैं, जो इंदौर और हाथरस से रंग-गुलाल व दिल्ली से पिचकारी बुलवाते हैं। दिसंबर में ऑर्डर दिया था, जनवरी-फरवरी में डिलिवरी मिली। होली के व्यापार के लिए करीब 1200 नौजवान रोजगार पाते हैं, इनकी सैलेरी भी जेब से देनी पड़ रही है।
विजय मार्केट... दिनभर खाली बैठे रहते हैं दुकानदार
यहां दो बड़ी और 8 छोटी दुकानें हैं। फुटपाथ पर अलग से 20 दुकानें लगती हैं। अब तक 10% बिक्री हुई है। अब शनिवार को उम्मीद है कि कुछ बिक्री होगी। अध्यक्ष रामबाबू शर्मा ने बताया कि हर साल 10 दिन पहले से शुरुआत करते थे, लेकिन इस बार 5 दिन पहले धंधा शुरू किया और उसमें से भी एक दिन लॉकडाउन में चला जाएगा। ऐसे में 30% माल बिकने की संभावना है।
दस नंबर मार्केट.... आज बिक्री की उम्मीद
यहां पिछले साल की तुलना में 100 दुकानों के बदले करीब 30 दुकानें लगी हैं। बाजार में सन्नाटा है। शनिवार को थोड़ा बहुत धंधा होने की उम्मीद व्यापारियों को है। दस नंबर बाजार व्यापारी संघ के अध्यक्ष राजकुमार बत्रा ने बताया कि व्यापारियों ने एक महीने पहले माल बुलवा लिया था। 10 दिन पहले से दुकानें लगाना शुरू हुईं, लेकिन बिक्री नहीं है। इस बार 15 से 20 लाख रुपए का नुकसान होने की संभावना है। पूरे भोपाल का देखें तो यह करोड़ों रुपए में होगा।
बैरागढ़ बाजार... 80% माल गोदाम में रखा
रंग-गुलाल और पिचकारी के करीब 50 काउंटर के बदले इस बार केवल 16 ही लगे हैं। व्यापारी रेट टू रेट पर माल बेचने को तैयार है, लेकिन खरीदार नहीं मिल रहे हैं। बैरागढ़ में 4 थोक व्यापारियों का 80 फीसदी माल गोदाम में रखा है। बैरागढ़ मार्केट व्यापारी संघ के अध्यक्ष कन्हैया लाल ईसराणी ने बताया कि बैरागढ़ में 60 से 70% तक व्यापार कम हो गया है। हमारे यहां महीनों पहले खरीदारी हो जाती थी, इसलिए माल तो पहले ही आ गया। इस बार व्यापारी को नुकसान होगा।
जुमेराती बाजार... आसपास से छोटे बाजार वाले माल खरीदने आते थे, जो आए ही नहीं
40 से अधिक दुकानें लगाई जाती थी, जो इस बार घटकर महज 12 रह गई हैं। यहां दुकानों पर सन्नाटा है। शुक्रवार को खरीददारी बहुत कम रही। राजधानी किराना एसोसिएशन जुमेराती बाजार के सदस्य अशोक जैन ने बताया कि जुमेराती में आसपास के छोटे बाजार वाले माल खरीदने आते थे, वे आए ही नहीं। इस कारण दुकानें भी कम लगी और माल भी नहीं बिक रहा है। लेकिन माल तो हम खरीद ही चुके थे, ऐसे में नुकसान होना तय हैं।
पिचकारी भी 25% ही बिकीं। शहर में हर साल करीब 400 रिटेल दुकानें लगाई जाती थीं, जो इस साल सिमटकर 125 रह गई हैं। शहर में करीब 35 थोक व्यापारी हैं, जो इंदौर और हाथरस से रंग-गुलाल व दिल्ली से पिचकारी बुलवाते हैं। दिसंबर में ऑर्डर दिया था, जनवरी-फरवरी में डिलिवरी मिली। होली के व्यापार के लिए करीब 1200 नौजवान रोजगार पाते हैं, इनकी सैलेरी भी जेब से देनी पड़ रही है।
विजय मार्केट... दिनभर खाली बैठे रहते हैं दुकानदार
यहां दो बड़ी और 8 छोटी दुकानें हैं। फुटपाथ पर अलग से 20 दुकानें लगती हैं। अब तक 10% बिक्री हुई है। अब शनिवार को उम्मीद है कि कुछ बिक्री होगी। अध्यक्ष रामबाबू शर्मा ने बताया कि हर साल 10 दिन पहले से शुरुआत करते थे, लेकिन इस बार 5 दिन पहले धंधा शुरू किया और उसमें से भी एक दिन लॉकडाउन में चला जाएगा। ऐसे में 30% माल बिकने की संभावना है।
दस नंबर मार्केट.... आज बिक्री की उम्मीद
यहां पिछले साल की तुलना में 100 दुकानों के बदले करीब 30 दुकानें लगी हैं। बाजार में सन्नाटा है। शनिवार को थोड़ा बहुत धंधा होने की उम्मीद व्यापारियों को है। दस नंबर बाजार व्यापारी संघ के अध्यक्ष राजकुमार बत्रा ने बताया कि व्यापारियों ने एक महीने पहले माल बुलवा लिया था। 10 दिन पहले से दुकानें लगाना शुरू हुईं, लेकिन बिक्री नहीं है। इस बार 15 से 20 लाख रुपए का नुकसान होने की संभावना है। पूरे भोपाल का देखें तो यह करोड़ों रुपए में होगा।
बैरागढ़ बाजार... 80% माल गोदाम में रखा
रंग-गुलाल और पिचकारी के करीब 50 काउंटर के बदले इस बार केवल 16 ही लगे हैं। व्यापारी रेट टू रेट पर माल बेचने को तैयार है, लेकिन खरीदार नहीं मिल रहे हैं। बैरागढ़ में 4 थोक व्यापारियों का 80 फीसदी माल गोदाम में रखा है। बैरागढ़ मार्केट व्यापारी संघ के अध्यक्ष कन्हैया लाल ईसराणी ने बताया कि बैरागढ़ में 60 से 70% तक व्यापार कम हो गया है। हमारे यहां महीनों पहले खरीदारी हो जाती थी, इसलिए माल तो पहले ही आ गया। इस बार व्यापारी को नुकसान होगा।
जुमेराती बाजार... आसपास से छोटे बाजार वाले माल खरीदने आते थे, जो आए ही नहीं
40 से अधिक दुकानें लगाई जाती थी, जो इस बार घटकर महज 12 रह गई हैं। यहां दुकानों पर सन्नाटा है। शुक्रवार को खरीददारी बहुत कम रही। राजधानी किराना एसोसिएशन जुमेराती बाजार के सदस्य अशोक जैन ने बताया कि जुमेराती में आसपास के छोटे बाजार वाले माल खरीदने आते थे, वे आए ही नहीं। इस कारण दुकानें भी कम लगी और माल भी नहीं बिक रहा है। लेकिन माल तो हम खरीद ही चुके थे, ऐसे में नुकसान होना तय हैं।

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