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शिवपुरी सीएमएचओ बोले- किसी की जान से खिलवाड़ हुआ तो केस कराएंगे


1- आरएमपी डॉक्टरों ने कोरोना मरीज का टाइफाइड का इलाज किया था

ग्रामीण क्षेत्रों के जिन मरीजों की कोरोना से मौत हुई है, उनका आरएमपी डॉक्टरों ने टायफाइड इलाज कर दिया। इस बात का खुलासा मरीजों की मौत के बाद उनकी केस स्टडी में पता चला है। इसी को देखते हुए सीएमएचओ ने जिले भर के आरएमपी डॉक्टरों की ऑनलाइन मीटिंग बुलाई। सीएमएचओ डॉ ए एल शर्मा ने आरएमपी डॉक्टरों की ऑनलाइन बैठक लेकर कहा कि गांव से जिला चिकित्सालय में हालत बिगड़ने पर भर्ती होने वाले मरीज की मौत के बाद जब परिजनों से पूछा तो यह बात सामने निकल कर आई कि तबीयत तो उनकी 8-10 दिन से खराब थी।

बुखार-खांसी थी और सांस लेने में तकलीफ भी हो रही थी, इलाज करने वाले आरएमपी डॉक्टर ने बताया कि टाइफाइड है और वह डेकाडोन सहित अन्य स्टेरॉइड्स मरीज को इलाज में अधिक मात्रा में देते रहे। हालत में सुधार न होने पर आरएमपी डॉक्टर ने हाथ खड़े कर दिए और जिला चिकित्सालय ले जाने कहा। लो ऑक्सीजन सैचुरेशन पर जब जिला अस्पताल में मरीज भर्ती हुए तो शरीर मे संक्रमण अधिक फैलने से उनकी माैत हो गई। ऐसे में यदि ग्रामीण क्षेत्र में आरएमपी डॉक्टर मरीजों का गलत इलाज करेंगे तो यह मरीज की सेहत से खिलवाड़ होगा। ऐसे में उनके रजिस्ट्रेशन रद्द करने के साथ-साथ उनके खिलाफ एफआई आर की कार्रवाई भी की जाएगी।

अधिक स्टेरॉइड्स दिए, दो मरीजों में ब्लैक फंगस के लक्षण
करैरा के ग्रामीण क्षेत्र से आए 2 मरीजों की केस हिस्ट्री देखी, जिसमें यह सामने आया कि आरएमपी डॉक्टर ने लगातार 5 से 7 दिन तक दो बार स्टोरॉइड्स मरीज को दिए। इस कारण उनका शुगर लेवल बढ़ता गया, साथ में ड्रिप भी लगा दी। नतीजा यह हुआ कि वह ब्लैक फंगस जैसी बीमारी के लक्षणों का शिकार हो गए। ऐसे में अपने मन से किसी भी कीमत पर स्टीरॉड्स का उपयोग ना करें। वरना आप पर कार्रवाई तय है।

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