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सेक्स वर्कर को हाई रिस्क ग्रुप में रखा; दूसरे आदेश की कॉपी में सेक्स वर्कर की जगह सैलून वर्कर लिखा गया



 भोपाल  एक तरफ प्रदेश सरकार कोरोना की तीसरी लहर की संभावना को देखते तैयारी करने में अभी से जुट गई है। वहीं दूसरी तरफ शहर के कुछ ऐसे युवा भी हैं जो कि गरीब बस्तियों और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को तीसरी लहर को लेकर जागरुक कर रहें हैं। इसी कड़ी में शहर की युवा कम्यूनिकेटर आशी चौहान ने बच्चों को कोरोना के प्रति बचाव के लिए भी जागरुक कर रहीं है। युवा कम्यूनिकेटर आशी चौहान ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर को लेकर सभी लोग आशंकित है। माना जा रहा है कि, तीसर लहर में बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। ऐसे में हमने कोरोना को लेकर बच्चों को जागरुक करने का बी.डा उठाया है। हमने बच्चों को खेल-खेल में कोरोना संक्रमण से बचने के तरीके बताएं। इसमें मास्क लगना क्यों जरूरी है। इसके लिए हमने घर पर ही मॉडल बनाकर बच्चों को समझाया कि यदि मास्क नही लगते तो कोराना संक्रमण कितनी तेजी से इंसान के फेफड़ों को अपनी चपेट में ले लेता है। कोरोना वायरस को आसान और सरल भाषा में और वर्किंग मॉडल से समझाया । कोरोना वायरस का संक्रमण दुनिया भर में फैलने की वजह से बहुत से लोग इस बीमारी के ख़तरों को लेकर चिंतित हैं।

मध्य प्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मंत्रालय ने हाई रिस्क ग्रुप्स के लिए ऑन साइट रजिस्ट्रेशन आधारित सत्र आयोजित करने के निर्देश जारी किए हैं। हालांकि इसमें सेक्स वर्कर को भी उच्च जोखिम समूह में रखे जाने के आदेश जारी होना बताया गया।

सोशल मीडिया पर वायरल आदेश में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए संभावित हाई रिस्क ग्रुप का कोविड-19 टीकाकरण के संबंध में मंत्री समूह की प्रथम बैठक में निर्णय लिया गया है। प्रदेश में कोरोना महामारी पर प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के लिए नई कार्य योजना के तहत हाई रिस्क ग्रुप को सूचीबद्ध कर प्राथमिकता के आधार पर कोविड-19 टीकाकरण किया जाना आवश्यक है।

इसलिए 100% ऑनसाइट रजिस्ट्रेशन आधारित सत्र आयोजित कर उच्च जोखिम समूह जैसे - उचित मूल्य दुकानों के विक्रेता, सिलेंडर सप्लाई करने वाले, पेट्रोल पंप स्टाफ, घर में काम करने वाली महिलाएं, किराना दुकान व्यापारी, सब्जी/गल्ला मंडी के विक्रेता, हाथ ठेला वाले, दूध वाले, वाहन चालक, साइट मजदूर, मॉल/होटल/रेस्टोरेंट में कार्यरत स्टाफ, शिक्षक और सेक्स वर्कर इत्यादि का टीकाकरण किया जाए। हालांकि बाद में एक और आदेश सोशल मीडिया पर सामने आया। इस बार सेक्स वर्कर की जगह उसे सैलून वर्कर कर दिया गया। दैनिक भास्कर सोशल मीडिया पर वायरल आदेश की पुष्टि नहीं करता।

यह सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
 

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