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शिवपुरीः ब्लैक फंगस से जिले में दूसरी मौत

शिवपुरी।   


बदरवास जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बारौद निवासी एक महिला की ब्लैक फंगस की बीमारी से भोपाल में सोमवार को मौत हो गई। मंगलवार को उसका शव बारौद लाया गया। इसके बाद पता चला कि महिला की मौत ब्लैक फंगस से हुई है। महिला की कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव थी। आंखों में परेशानी आने पर वह गांव में झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराती रही। गांव में ही इलाज के दौरान उसकी आंखों की रोशनी चली गई। मामला बिगड़ने पर झोलाछाप डॉक्टर ने गुना भेज दिया। गुना से भी महिला को भोपाल रेफर कर दिया गया, जहां हमीदिया अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार, बदरवास जनपद के बारौद ग्राम में रहने वाली 52 वर्षीय फूलवती पत्नी इतवारी वाल्मीक की दो हफ्ते पहले तबीयत खराब हुई। तबीयत बिगड़ने पर उसे खतौरा में इलाज के लिए लेकर गए। खतौरा में एक झोलाछाप डॉक्टर के यहां उसका दो दिन इलाज चला। खतौरा का झोलाछाप डॉक्टर बीमारी समझ नहीं पाया और महिला की आंखों की रोशनी चली गई। जब महिला को दिखना बंद हो गया तो उसे गुना रेफर कर दिया गया। 14 मई को गुना में महिला को सहयोग अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां पर भी महिला दो दिन भर्ती रही, लेकिन उसकी हालत बिगड़ गई। गुना में ब्लैक फंगस के लक्षण देखकर 19 मई को महिला को भोपाल रेफर कर दिया गया। हमीदिया में तीन दिन तक महिला का इलाज चला, लेकिन संक्रमण ब्रेन तक पहुंच जाने के कारण उसे बचाया नहीं जा सका। महिला को शुगर की बीमारी थी। मंगलवार को बारौद में फूलवती वाल्मीक का अंतिम संस्कार किया गया।

रेड जोन में शामिल है बारौद, एक ही परिवार के 14 लोग संक्रमित

ग्राम पंचायत बारौद रेड जोन में शामिल है। यहां पर शैतान सिंह और संग्राम सिंह के परिवार के लोग गोदी भरने के कार्यक्रम के लिए उत्तरप्रदेश गए थे। वहां से लौटने पर इनके परिवार के 14 लोग कोरोना संक्रमित हो गए। अभी भी इनके परिवार में पांच लोग कोरोना संक्रमित हैं। यहां से पंचायत में संक्रमण फैलने की शुरुआत हुई। हालांकि फूलवती की कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव थी।

रेड जोन में शामिल है बारौद, एक ही परिवार के 14 लोग संक्रमित

ग्राम पंचायत बारौद रेड जोन में शामिल है। यहां पर शैतान सिंह और संग्राम सिंह के परिवार के लोग गोदी भरने के कार्यक्रम के लिए उत्तरप्रदेश गए थे। वहां से लौटने पर इनके परिवार के 14 लोग कोरोना संक्रमित हो गए। अभी भी इनके परिवार में पांच लोग कोरोना संक्रमित हैं। यहां से पंचायत में संक्रमण फैलने की शुरुआत हुई। हालांकि फूलवती की कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव थी।

जिले में ब्लैक फंगस से दूसरी मौत

जिले में यह ब्लैक फंगस की बीमारी से दूसरी मौत है। इसके पहले कृष्णा अग्रवाल की ग्वालियर में ब्लैक फंगस की बीमारी से मौत हो चुकी है। उनके भी संक्रमण ब्रेन तक पहुंच गया था और दिल्ली तक दिखाने के बाद चिकित्सकों ने हाथ खड़े कर दिए थे। कोरोना महामारी के बाद ब्लैक फंगस की दस्तक ने स्वास्थ्य विभाग को चिंता में डाल दिया है।

लड़ने के लिए तैयार नहीं हैं हम, दवाओं का भी टोटा

जिले में कोरोना की भयावह स्थिति के बाद ब्लैक फंगस की नई बीमारी आती दिख रही है। अभी कोरोना से निपटने के लिए ही संसाधन जुटाए थे कि यह नई बीमारी सामने आ गई। ब्लैक फंगस के लिए जरूरी दवाएं अभी न ही बाजार में उपलब्ध हैं और न ही जिला अस्पताल में। हालांकि कुछ दिनों पूर्व हुई सीएम शिवराज सिंह चौहान और राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ बैठक में स्वास्थ्य विभाग ने इसकी मांग रखी थी। मंगलवार तक जिला अस्पताल में तो ये अभी प्राप्त नहीं हुए हैं। वहीं इससे संबंधित इंजेक्शन बाजार में भी उपलब्ध नहीं हैं जो कि काफी महंगे हैं।

स्वास्थ्य विभाग को खबर भी नहीं कि दूसरी मौत हो गई

जिले में ब्लैक फंगस से दूसरी मौत हो गई और हैरानी की बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग को कानों कान इसकी खबर भी नहीं हुई। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बीमारी के प्रति जिले में कितनी गंभीरता बरती जा रही है। ठीक इसी तरह जब कृष्णा अग्रवाल की मौत ग्वालियर में ब्लैक फंगस से हुई थी, तब भी स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी बाद में मिली। 

एक्सपर्ट कमेंट

जो भी मरीज लगातार लंबे समय तक ऑक्सीजन या स्टीरायड पर रहे हैं, जिन्हें क्रोनिक डायबिटीज है या फिर संक्रमण से स्वस्थ होने के बाद भी शुगर कंट्रोल में नहीं आई है, विशेष सावधानी रखने की जरूरत है। यदि नाक में, नाक के नीचे गाल की हड्डी या फिर आंखों में दर्द होता है तो तुरंत ईएनटी विशेषज्ञ या नेत्र रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। इससे समय पर बीमारी की पहचान हो सकेगी और किसी भी विषम स्थिति से बचा जा सकेगा।

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