भोपाल मानसून केरल की तरफ बढ़ चला है। प्रदेश में मानसून पूर्व की हलचल भी तेज होने लगी हैं, जिसके चलते तेज हवाएं चलने के साथ बौछारें पड़ने का दौर भी शुरू हो गया है। इसी क्रम में रविवार शाम राजधानी में उमड़े काले बादलों ने जैसे मेघ मल्हार गाना शुरू कर दिया। हवाएं झूम उठीं। साथ ही तेज बौछारें पड़ने का सिलसिला शुरू हो गया। इस दौरान कहीं-कहीं ओले भी गिरे।
प्रदेशभर में मानसून पूर्व की गतिविधियां तेज होने लगी हैं। इसके चलते अलग-अलग जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ रही हैं। इसी क्रम में रविवार शाम को राजधानी में शाम के वक्त तेज हवाएं चलने के साथ बौछारें पड़ीं। इस दौरान कहीं-कहीं ओले भी गिरे।
इसके पूर्व सुबह से दोपहर तक घने बादल छाए रहे थे। दोपहर बाद धूप छंटने से धूप भी निकली थी, लेकिन शाम को अचानक मौसम का मिजाज बदला और बरसात होने लगी। शाम को भोपाल शहर में आधा घंटे में 6.1 मिमीमीटर बरसात हुई। उधर सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक रायसेन में 34.2, सागर में 12.0 मिमी. बारिश हुई। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अभी भोपाल, इंदौर, होशंगाबाद, उज्जैन, जबलपुर संभाग के जिलों में स्र्क-स्र्ककर बारिश होती रहेगी।
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक रविवार को राजधानी भोपाल का अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो सामान्य से एक डिग्रीसे. कम रहा। साथ ही शनिवार के अधिकतम तापमान (40.8 डिग्रीसे.) की तुलना में 1.3 डिग्रीसे. कम रहा। न्यूनतम तापमान 25.8 डिग्री से. रिकार्ड किया गया, जो सामान्य से एक डिग्रीसे. कम रहा और शनिवार के न्यूनतम तापमान (28.4 डिग्रीसे.) के मुकाबले 2.6 डिग्रीसे. कम रहा।
प्रदेश में सक्रिय हैं दो सिस्टम
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में पूर्वी उत्तरप्रदेश पर बने ऊपरी हवा के चक्रवात से पूर्वी मप्र से होकर विदर्भ तक एक द्रोणिका लाइन (ट्रफ) बनी हुई है। इसी तरह पंजाब से उत्तर-पश्चिम मप्र तक भी एक द्रोणिका लाइन बनी हुई है। इस वजह से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बरसात हो रही है। शुक्ला के मुताबिक सोमवार को भी राजधानी सहित इंदौर, होशंगाबाद, उज्जैन, जबलपुर संभाग के जिलों में बौछारें पड़ने की संभावना है।

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