भोपाल आरएसएस के वरिष्ठ नेता सुरेश सोनी के साथ भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की रविवार को हुई करीब दो घंटे की मीटिंग से मप्र में सियासी हलचल बढ़ गई है। यह मीटिंग नदी के घर में हुई। चूंकि सोनी एक समय प्रदेश भाजपा की राजनीतिक में खासा दखल रखते थे और उनका रुतबा भी बरकरार है, लिहाजा इस मुलाकात के राजनीतिक मायने टटोले जा रहे हैं। दूसरा, विजयवर्गीय के लंबे समय बाद भोपाल में तीन दिन रुकने को भी अहम माना जा रहा है।
विजयवर्गीय पश्चिम बंगाल से फ्री हो गए हैं और अब उनकी सक्रियता मप्र में बढ़ने वाली है। पार्टी सूत्र भी इस बात से इत्तेफाक रख रहे हैं क्योंकि, मप्र के साथ छह राज्यों के राष्ट्रीय सह संगठन प्रभारी शिवप्रकाश के साथ उनकी मीटिंग और इसके बाद सीएम शिवराज सिंह से विजयवर्गीय की मुलाकात हुई है। प्रदेश संगठन से हालांकि उनकी लंबी या बड़ी बैठक नहीं हुई। भाजपा के बड़े नेता विजयवर्गीय के भोपाल दौरे को दिल्ली की उस बैठक से भी जोड़ रहे हैं, जो एक सप्ताह पहले केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के निवास पर हुई। इसके बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, संगठन महामंत्री सुहास भगत और सह संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल के घर गए।
दिल्ली की इस सियासी बैठक की बड़ी बात यह थी कि दोनों जगह सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया नहीं रहे। तोमर के निवास पर सिंधिया का नहीं होना तो चंबल व ग्वालियर की राजनीतिक में नए संकेत हैं। बहरहाल, विजयवर्गीय दिल्ली पहुंच गए हैं। शिवप्रकाश भी बुधवार को दिल्ली जाने वाले हैं। दोनों की दिल्ली में फिर मुलाकात हो सकती है। शिवप्रकाश दिल्ली में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष से मिल सकते हैं। इसी बीच विजयवर्गीय देर शाम प्रहलाद पटेल से मिलने उनके निवास पर पहुंचे।
शिवप्रकाश ने सत्ता और संगठन का लिया फीडबैक
पार्टी सूत्रों का कहना है कि भोपाल आए शिवप्रकाश ने विजयवर्गीय से मुलाकात के अलावा भी कुछ लोगों से सत्ता और संगठन के कामकाज का फीडबैक लिया है। प्रदेश संगठन महामंत्रियों व संगठन मंत्रियों से चर्चा के साथ ही शिवप्रकाश से मिलने सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया भी पहुंचे। उनकी एक घंटे शिवप्रकाश से बात हुई।

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