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भाेपाल, इंदौर सहित कई जिलाें में तेज बौछारें पड़ने के आसार


 


भाेपाल  
उत्तर-पश्चिम मध्यप्रदेश पर एक ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है। इसके अतिरिक्त अरब सागर से लेकर मध्य महाराष्ट्र तक एक द्राेणिका लाइन (ट्रफ) बनी हुई है। इससे अरब सागर से लगातार नमी आ रही है। जिसके चलते प्रदेश में अलग-अलग स्थानाें पर गरज चमक के साथ बरसात हाे रही है। इसी क्रम में मंगलवार काे सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक सागर में छह मिलीमीटर बरसात हुई। नौतपा के आठवें दिन प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 42 डिग्रीसेल्सियस रायसेन और नौगांव में दर्ज किया गया। मौसम विज्ञानियाें ने बुधवार काे भाेपाल, इंदौर, हाेशंगाबाद, ग्वालियर, चंबल, उज्जैन और जबलपुर संभाग के जिलाें में तेज बौछारें पड़ने की संभावना जताई है।

मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक बुधवार काे राजधानी में अधिकतम तापमान 40.0 डिग्रीसे. दर्ज किया गया। जाे सामान्य से एक डिग्रीसे. कम रहा। साथ ही साेमवार के अधिकतम तापमान (39.7 डिग्रीसे.) की तुलना में 0.3 डिग्रीसे. अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 25.9 डिग्रीसे. रिकार्ड किया गया। यह भी सामान्य से एक डिग्रीसे. कम रहा और साेमवार के न्यूनतम तापमान (21.2 डिग्रीसे.) के मुकाबले 4.7 डिग्रीसे. अधिक रहा।

सुबह से तीखी धूप, दाेपहर में छाए बादल

शहर में सुबह के समय आसमान साफ रहने से धूप निकली। धूप में चुभन भी महसूस हुई। वातावरण में नमी मौजूद रहने के कारण उमस भी बढ़ने लगी थी। दाेपहर बाद बादल आने के कारण तापमान में अधिक बढ़ाेतरी नहीं हाे सकी। जिसके चलते तापमान 40 डिग्रीसे. पर थम कर रह गया।

तीन सिस्टम हैं सक्रिय

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि मप्र पर बने ऊपरी हवा के चक्रवात और अरब सागर से महाराष्ट्र तक एक ट्रफ बना हुआ है। इसके साथ ही एक पश्चिमी विक्षाेभ भी हिमालय क्षेत्र में सक्रिय है। इन तीन वेदर सिस्टम के सक्रिय रहने के कारण मप्र में हवाओं के साथ लगातार नमी आ रही है। इससे गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ी रही हैं। इसी क्रम में बुधवार काे पशिचमी मप्र में तेज बौछारें पड़ने के आसार हैं। विशेषकर भाेपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल,हाेशंगाबाद और जबलपुर संभाग के जिलाें में कहीं-कहीं झमाझम बारिश भी हाे सकती है। इससे अधिकतम तापमान में गिरावट भी हाेगी

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