शिवपुरी जिले में अभी तक कुल 290.72 मिमी औसत बारिश हो चुकी है। शुरुआत में मानसून ठीक नहीं रहा और 47 दिन में कुल 139.94 मिमी औसत बारिश हुई। मानसून में जैसे ही सुधार आया तो बीते नौ दिनों में ही 151 मिमी औसत पानी बरस गया है। परिणाम यह निकला कि ढाई सप्ताह पहले जिले में खरीफ बोवनी का रकबा 40% था, जो अब बढ़कर 78% तक पहुंच गया है।
मानसून में देरी की वजह से सोयाबीन की बोवनी का समय बीतने से 45 हजार हेक्टेयर रकबा घट गया है। कृषि विभाग ने जिले में सोयाबीन बोवनी का लक्ष्य 2.10 लाख हेक्टेयर रखा था, जिसमें 1.65 लाख हेक्टेयर में बोवनी हुई है। हालांकि अभी धान रोपने के साथ उड़द, मूंग और तिल की बोवनी अभी किसान कर रहे हैं। जिससे खरीफ फसलों का रकबा बढ़ रहा है।
हालांकि मानसून देरी से सक्रिय होने की वजह से जल संसाधन विभाग के अधिकतर तालाब खाली पड़े हैं। मड़ीखेड़ा बांध का जल स्तर भी सिर्फ 15 सेंटीमीटर बढ़ा है। तालाबों के साथ बांध भरने के लिए अभी काफी बारिश की जरूरत है।
साेयाबीन रकबा घटने से जिले में 351 करोड़ का फसल कारोबार प्रभावित रहेगा: शिवपुरी जिले में सोयाबीन रकबा 45 हजार हैक्टेयर घटने से 7 लाख क्विंटल उत्पादन प्रभावित रहेगा। आर्थिक नजरिए से देखें तो 5 हजार क्विंटल के भाव से शिवपुरी जिले में 351 करोड़ का फसल कारोबार प्रभावित रहेगा। सोयाबीन रकबा घटने से दिवाली के आसपास सोयाबीन तेल के दामों पर भी असर पड़ सकता है।
जिले में कुल सामान्य औसत कोटे की 35.61% बारिश हुई
जिले में 1 से 30 जून तक 98 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई। इसके बाद 1 जुलाई में से 17 जुलाई तक 41.94 मिमी बारिश हुई। अब 18 जुलाई से 26 जुलाई तक नौ दिन में 150.78 मिमी बारिश हो गई है। कुल 56 दिनों में 290.72 मिमी औसत बारिश हो गई है।
जिले में कुल सामान्य औसत 816.3 मिमी बारिश का लक्ष्य है, जिसमें अभी तक 35.61% कोटे की बारिश हुई है। सामान्य औसत आंकड़े पूरा होने के लिए अभी 64.39% बरसात की औरत जरूरत है।
अटल सागर मड़ीखेड़ा बांध का सोमवार को जल स्तर 326.90 मीटर रहा। इस मानसून सीजन में बांध में महज 15 सेंटीमीटर ही पानी आया है। इसके अलावा जल संसाधन विभाग के करीब 90 तालाब व स्टॉप डैम हैं जो अधिकतर अभी खाली हैं। बड़े तालाबों में 10 से 15 प्रतिशत पानी है। खाली तालाब भरने के लिए अभी काफी पानी की जरूरत है।
ऐनवक्त पर पानी बरसने से लगभग 80% बोवनी हो गई
ऐनवक्त पर पानी बरसने से जिले में खरीफ फसलों की लगभग 80% बोवनी हो गई है। अभी धान की रोपाई चल रही है। किसान उड़द, मूंग और तिल की बोवनी भी कर रहे हैं। इस कारण रकबा भी बढ़ रहा है। सोयाबीन रकबा कम हो गया है। बोवनी के बाद जिन किसानों की फसल उग आई है, वे कुलपा (निदाई) करें। खरपतवार नियंत्रण पर ध्यान दें। यूएस तोमर, उप संचालक, कृषि


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