शिवपुरी - मध्यप्रदेश में अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश के समस्त पटवारी 10 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है | बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के पटवारी भी हड़ताल पर जाने की तैयारी में है लेकिन शासन की तरफ से उन्हें काम करने को कहा गया है|
खास बात यह है ,कि अपने कर्तव्य निष्ठा को समझते हुए तथा किसानों के हित को देखते हुए अभी भी कुछ जिलों में पटवारी किसानों के मुआवजे को लेकर लगातार काम कर रहे हैं |बता दें कि पटवारी ग्वालियर चंबल संभाग के 8 जिलों में सिर्फ मुआवजे का सर्वे कर रहे हैं जिससे किसान का नुकसान न हो |
आपको बता दें कि इससे पहले 2 अगस्त को पटवारियों ने सामूहिक हड़ताल की थी और 5 अगस्त को वेब पोर्टल वेब GIS सहित सभी ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार किया |तत्पश्चात 10 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है बता दें कि ,मध्य प्रदेश में 19 हजार से ज्यादा पटवारी हैं जो 25 जून से चरणबद्ध तरीके से आंदोलन कर रहे हैं अब तक तहसील व जिला स्तर पर कलेक्टर व तहसीलदारों को ज्ञापन सौंपा जा चुके हैं वही काली पट्टी बांधकर और भू अभिलेख को छोड़ शेष सभी कार्यों का बहिष्कार करते हुए सामूहिक अवकाश पर भी जा चुके हैं बावजूद इसके उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया तो अब वे आंदोलन की राह पर चल पड़े हैं
पटवारियों की 3 सूत्रीय मांगे इस प्रकार है -
1. पटवारियों का ग्रेड पे 2800 करते हुए समय मान वेतनमान विसंगति को दूर किया जाए
2. गृह जिले में पदस्थापना हो
3. नवीन पटवारियों की सीपीसीटी की अनिवार्यता संबंधी नियम समाप्त किया ज

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