बिर्रा- भाद्रपद कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि को मनाया जाने वाला हरछठ कमरछठ या हलषष्ठी व्रत कल 28 अगस्त को मनाया जाएगा।इस संबंध में राजपुरोहित जितेन्द्र तिवारी ने बताया कि हर साल भाद्रपद कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को संतान प्राप्ति और उनकी दीर्घायु जीवन की कामना के लिए माताएं हलषष्ठी व्रत का करती है और दोपहर कृत्रिम तालाब बनाकर उसकी परिक्रमा कर कथा श्रवण करती है।इस दिन माताएं बिना हल चले पसहर चांवल और साग भाजी की तैयारी में रहकर गाय की जगह भैंस का दूध,दही और घी का उपयोग करती हैं। आशीर्वाद स्वरूप बच्चों को छूही का पोता लगाती है।यह कथा कृष्ण जी की माता देवकी को नारद जी द्वारा समझाया गया पर आधारित है।इसी दिन श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम जयंती के रूप में भी मनाया जाता है।दो दिन बाद श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है।

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